पटना, 22 अगस्त 2026 : बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बयान के बाद JDU, BJP और RJD आमने-सामने आ गए हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को मिलनी चाहिए। उनके इस बयान पर सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के साथ-साथ RJD ने भी पलटवार किया है।

नालंदा में कुशवाहा ने क्या कहा ?

नालंदा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन दिवसीय समीक्षा शिविर के समापन पर उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार और देश की राजनीति में लंबे समय तक काम किया और मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व किया। कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार अब सक्रिय राजनीति से फुर्सत ले चुके हैं। ऐसे में उनके समर्थकों के सामने यह सवाल है कि उनकी राजनीतिक विरासत को आगे कौन बढ़ाएगा।उन्होंने कहा कि कई लोग इस विरासत पर दावा कर सकते हैं, मगर राष्ट्रीय लोक मोर्चा का मानना है कि नीतीश की राजनीतिक विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उसकी पार्टी को मिलनी चाहिए।

JDU का पलटवार- 'निशांत कुमार हैं ना'

कुशवाहा के बयान पर JDU ने इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया। पार्टी नेता और मंत्री मदन सहनी ने सीधे निशांत कुमार का नाम लेते हुए कहा कि जब नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार मौजूद हैं तो किसी दूसरे को उनकी राजनीतिक विरासत की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मदन सहनी के मुताबिक, पार्टी में यह स्पष्ट है कि नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निशांत कुमार सक्षम हैं। उन्होंने दावा किया कि JDU के बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी यही राय है।

BJP बोली- नीतीश अभी राजनीति से दूर नहीं हुए

BJP प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अभी राजनीति से फुर्सत ली ही नहीं है, इसलिए उनकी विरासत को लेकर अभी से चर्चा करना उचित नहीं है। BJP प्रवक्ता के मुताबिक नीतीश कुमार अभी JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अक्टूबर से नीतीश कुमार बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं। कुंतल कृष्ण ने कहा कि JDU में कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं, जो भविष्य में नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं।

RJD ने कुशवाहा पर लगाया परिवारवाद का आरोप

विपक्षी RJD ने भी उपेंद्र कुशवाहा के बयान को लेकर हमला बोला। RJD प्रवक्ता एज्या यादव ने कहा कि जो लोग खुद परिवार की राजनीति करते हैं, उनके द्वारा नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत संभालने की बात करना विरोधाभासी है। RJD ने आरोप लगाया कि उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पत्नी को विधायक और अपने बेटे को मंत्री बनवाया, जबकि अब वह नीतीश कुमार की विरासत की बात कर रहे हैं। RJD ने भी इस बहस में निशांत कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत की बात है तो उनके बेटे निशांत कुमार मौजूद हैं।

विरासत के बहाने बिहार में नई सियासी बहस

उपेंद्र कुशवाहा के बयान ने बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार के बाद कौन? की बहस को फिर हवा दे दी है। JDU ने जहां निशांत कुमार का नाम लेकर जवाब दिया, वहीं BJP ने नीतीश कुमार के अभी सक्रिय राजनीति में होने की बात कही। दूसरी तरफ RJD ने परिवारवाद के मुद्दे पर कुशवाहा को घेरा है। ऐसे में आने वाले दिनों में नीतीश कुमार की राजनीतिक भूमिका, JDU का भविष्य और उनकी विरासत को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।