लखनऊ, 23 अगस्त। उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के लिए सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में आयोजित रसोइया सम्मान समारोह में पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों को सम्मानित करेंगे। इस दौरान करीब 3 लाख 54 हजार रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड समेत विभिन्न सुविधाओं से जोड़ने की जानकारी सामने आई है। इससे रसोइयों के साथ उनके परिवारों को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।

सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

प्रस्तावित स्वास्थ्य सुविधा के तहत रसोइयों और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड के जरिए एक साल में 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलने की बात कही गई है। इससे गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवार पर इलाज के खर्च का दबाव कम हो सकता है।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सम्मान समारोह

रसोइया सम्मान समारोह का आयोजन लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10:30 बजे किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के योगदान को सम्मानित करेंगे। इस दौरान सरकार की ओर से रसोइयों के लिए किए जा रहे कल्याणकारी प्रयासों और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

जिलों में भी होंगे सम्मान कार्यक्रम

राजधानी के मुख्य कार्यक्रम के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर के कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रसोइयों को सम्मानित करने की योजना है। राज्यभर के आयोजनों में करीब 1,500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई है।

स्कूलों के भोजन में रसोइयों की अहम भूमिका

पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। वे रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार करने और व्यवस्था संभालने में योगदान देते हैं। सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने की पहल को उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार को भी मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

रसोइयों के परिवारों को भी स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने का निर्णय इस पहल का अहम हिस्सा है। इससे बीमारी की स्थिति में इलाज कराने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कैशलेस उपचार की वास्तविक पात्रता, अस्पतालों की सूची और योजना की विस्तृत शर्तें संबंधित आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगी।