लखनऊ, 24 अगस्त। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंचे। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पुराने शिक्षण संस्थान कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज का दौरा किया और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि लखनऊ से उनका गहरा रिश्ता रहा है और यहीं से उन्हें अनुशासन, शिक्षा के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना करने का हौसला मिला।

पुराने कॉलेज पहुंचकर भावुक हुए CEC

कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज परिसर में पहुंचते ही ज्ञानेश कुमार अपने पुराने दिनों को याद कर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि लखनऊ उनके जीवन की महत्वपूर्ण कर्मभूमि रही है। शुरुआती शिक्षा यहीं से पूरी करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए आगे का सफर तय किया। लंबे समय बाद अपने पुराने शहर में लौटकर उन्हें अपने छात्र जीवन की यादें ताजा हुईं।

विद्यार्थियों को बताया लोकतंत्र का महत्व

छात्रों से बातचीत के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने चुनाव को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने BLO को लोकतंत्र की जमीनी नींव बताते हुए कहा कि मतदाता और चुनावी व्यवस्था के बीच इनकी भूमिका बेहद अहम है।

‘यहीं से सीखा चुनौतियों से लड़ना’

अपने संबोधन में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कॉलेज में बिताया समय उनके जीवन का निर्णायक दौर रहा। यहां से उन्हें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों में चुनौतियों का सामना करने की सीख भी मिली। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और कठिन परिस्थितियों से सीख लेने का संदेश दिया।

Gen-Z के सवाल पर साधी चुप्पी

कार्यक्रम के दौरान मीडिया और छात्रों की ओर से जेन-जी से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल किए गए। हालांकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इन सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की और आगे बढ़ गए। इस दौरान उनका पूरा फोकस चुनावी साक्षरता और विद्यार्थियों से संवाद पर रहा।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान भी जाएंगे

कॉल्विन तालुकदार्स कॉलेज के कार्यक्रम के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के लिए रवाना हुए। उनके दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान चुनावी प्रक्रिया, मतदाता जागरूकता और उत्तर प्रदेश से जुड़े विभिन्न चुनावी विषयों पर कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी है।

ज्ञानेश कुमार का यह दौरा उनके प्रशासनिक दायित्व के साथ-साथ लखनऊ से उनके व्यक्तिगत और शैक्षणिक जुड़ाव की वजह से भी चर्चा में रहा।