नागपुर, 25 अगस्त 2026 : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के हालिया बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नितिन गडकरी ने 23 अगस्त को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर पाते और अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए। इसके बाद कुछ रिपोर्टों में उनके बयान को राजनीति से दूरी या संभावित रिटायरमेंट से जोड़कर देखा गया। अब गडकरी के कार्यालय ने इन अटकलों पर सफाई दे दी है। कार्यालय की ओर से कहा गया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बयान राजनीति से संबंधित नहीं था। वह अपने लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट से जुड़े सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपने की बात कर रहे थे।

‘अब पहले जितना काम नहीं कर सकता’

23 अगस्त को महाराष्ट्र के काटोल में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी ने कहा था कि वह अब पहले की तरह ज्यादा काम नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, “जब कर सकता था, तब किया। इसलिए अब नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए।” नितिन गडकरी ने यह भी बताया कि अब उनके काम में पहले की तुलना में दखल कम हो गया है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में उनके भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि बयान को राजनीतिक रिटायरमेंट से जोड़ना सही नहीं है।

ट्रस्ट की जिम्मेदारी को लेकर था बयान

गडकरी के कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने लक्ष्मणराव मानकर स्मृति संस्था से जुड़े सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को देने की बात कही थी। यह संस्था नागपुर में मुख्य रूप से आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। संस्था की गतिविधियों में एकल विद्यालय भी शामिल हैं। गडकरी ने इस संस्था की स्थापना लक्ष्मणराव मानकर ‘गुरुजी’ की स्मृति में की थी।

युवाओं को दिया फिटनेस का संदेश

इस कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने युवाओं को फिटनेस पर भी जोर देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि वह रोज सुबह व्यायाम और प्राणायाम करते हैं। उन्होंने युवाओं से भी रोजाना कम से कम आधा घंटा Exercise और Pranayama करने की अपील की।

पार्टी के पुराने दिनों को भी किया याद

गडकरी ने अपने राजनीतिक सफर के शुरुआती दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि वह कभी साइकिल और स्कूटर से पार्टी के काम के लिए निकलते थे। उन्होंने पुराने दौर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के बड़े नेताओं के आने-जाने की व्यवस्था के लिए एक परिचित की एम्बेसडर कार का इस्तेमाल किया जाता था। गडकरी का राजनीतिक सफर कई दशकों पुराना है। वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2014 से केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे हैं।

पहले भी सामने आई हैं रिटायरमेंट की चर्चाएं

नितिन गडकरी को लेकर पहले भी समय-समय पर राजनीतिक रिटायरमेंट की अटकलें सामने आती रही हैं। हालांकि, मौजूदा मामले में उनके कार्यालय ने साफ कर दिया है कि नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने वाला बयान उनके राजनीतिक भविष्य से संबंधित नहीं था।