नई दिल्ली, 21 अगस्त। घर को आमतौर पर सुकून और सुरक्षा की जगह माना जाता है, लेकिन कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के किसी व्यक्ति को घर में घबराहट, बेचैनी या डर जैसा महसूस हो सकता है। वास्तु शास्त्र में ऐसी स्थितियों को कुछ वास्तु दोषों से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, घर की साफ-सफाई, रोशनी और कुछ दिशाओं से जुड़ी बातों का ध्यान रखा जा सकता है। हालांकि, डर या घबराहट के पीछे तनाव, नींद की कमी और अन्य मानसिक या शारीरिक कारण भी हो सकते हैं।

ईशान कोण में गंदगी से बचें

वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस हिस्से में कबाड़, भारी सामान या लंबे समय से जमा गंदगी रखने से बचने की सलाह दी जाती है। घर के इस हिस्से को साफ और खुला रखना बेहतर माना जाता है।

अंधेरा और बंद कमरा बढ़ा सकता है बेचैनी

जिन कमरों में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा नहीं आती, वहां घुटन या बेचैनी महसूस हो सकती है। इसलिए सुबह खिड़कियां और पर्दे खोलकर कमरे में रोशनी और ताजी हवा आने देना उपयोगी है।

सूखे पौधे और टूटी चीजें हटाएं

वास्तु में सूखे पौधे, बंद घड़ियां और टूटी-फूटी वस्तुओं को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए खराब सामान हटाकर घर को व्यवस्थित रखना साफ-सफाई और मानसिक आराम, दोनों के लिहाज से बेहतर हो सकता है।

सोते समय दिशा का भी रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से बचने की सलाह दी जाती है। दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोना बेहतर माना जाता है। हालांकि, नींद की गुणवत्ता के लिए आरामदायक बिस्तर और नियमित नींद का समय भी बेहद जरूरी है।

इन आसान उपायों से रखें घर का माहौल बेहतर

वास्तु मान्यताओं के अनुसार पानी में थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर पोंछा लगाना, मुख्य द्वार पर शाम को दीपक जलाना और धार्मिक पाठ करना सकारात्मक माहौल से जोड़ा जाता है। साथ ही घर में पर्याप्त रोशनी, सफाई और वेंटिलेशन बनाए रखें।

अगर डर या घबराहट लगातार बनी रहती है, नींद प्रभावित होती है या रोजमर्रा के काम में परेशानी होने लगे, तो इसे केवल वास्तु से न जोड़ें और डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।