पटना, 26 अगस्त 2026 : बिहार सरकार ने महिलाओं को रोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 2030 तक राज्य की एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का ऐलान किया है। इनमें करीब 50 लाख महिलाओं को डेयरी और दुग्ध सहकारी समितियों से जोड़ने की योजना है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की आर्थिक प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए डेयरी, जीविका, सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों के जरिए महिलाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराए जाएंगे।

डेयरी सेक्टर से जुड़ेंगी 50 लाख महिलाएं

बिहार सरकार के अनुसार, वर्तमान में करीब 12 लाख महिलाएं पशुपालन और दुग्ध क्षेत्र से जुड़ी हैं। अब इस संख्या को बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़ा जाएगा। सरकार डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को करीब 80 फीसदी तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

हर पंचायत में खुलेगा सुधा बिक्री केंद्र

बिहार सरकार सभी पंचायतों में एक-एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है। इन केंद्रों के संचालन के लिए जीविका दीदियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किस्त मिलाकर करीब 60 हजार रुपये की सहायता देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है।

SC-ST महिलाओं को अंतरजातीय विवाह पर 1.25 लाख रुपये

महिलाओं से जुड़ी अन्य घोषणाओं में सरकार ने SC-ST महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण ऐलान किया है। अंतरजातीय विवाह करने वाली पात्र महिलाओं को राज्य सरकार की ओर से 1.25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को भी प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है। अलग-अलग परीक्षाओं के आधार पर यह राशि 30 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक हो सकती है।

जीविका दीदियों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने बांधी राखी

मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभागार में रक्षाबंधन से पहले आयोजित कार्यक्रम में जीविका दीदियों, सुधा सखियों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राखी बांधी। इस दौरान महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं से संबंधित दस्तावेज भी वितरित किए गए।

1.20 करोड़ लोगों की होगी एनीमिया जांच

कार्यक्रम के दौरान एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान की भी शुरुआत की गई। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। सरकार के मुताबिक, अभियान के दौरान करीब 1.20 करोड़ लाभार्थियों की एनीमिया जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार लोगों को इलाज और दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अभियान में बच्चों, महिलाओं और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं पर फोकस रहेगा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने 2030 तक एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 2047 तक बिहार को देश का सबसे ताकतवर राज्य बनाने के लक्ष्य को भी दोहराया।