नई दिल्ली, 17 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था। व्यस्त सार्वजनिक जीवन के बीच उनकी फिटनेस और दिनचर्या को लेकर अक्सर चर्चा होती है। प्रधानमंत्री कई मौकों पर योग, शारीरिक गतिविधि, खान-पान और शरीर को प्राथमिकता देने की बात कर चुके हैं। हाल में 2026 के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में भी उन्होंने छात्रों से स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवनशैली को लेकर अपने विचार साझा किए थे।
योग और प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बताते हैं
प्रधानमंत्री की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, वे अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं और इसे शरीर व मन के संतुलन से जोड़ते हैं। ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में भी उन्होंने व्यायाम और योग के साथ पूरे शरीर और मन को मजबूत करने की बात कही।
सुबह और प्रकृति से जुड़ने पर जोर
2026 में छात्रों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने सूर्योदय देखने को एक अच्छी आदत बताते हुए कहा कि इससे ताजगी और ऊर्जा का एहसास हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने शरीर को दिन की प्राथमिकताओं में ऊपर रखना चाहिए।
फिक्स डाइट की बजाय अपनी जरूरत के अनुसार खाना
खान-पान को लेकर प्रधानमंत्री ने ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में कहा कि वे किसी एक तय डाइट सिस्टम का पालन नहीं करते। उन्होंने अपने शाकाहारी भोजन और अलग-अलग जगहों पर उपलब्ध सामान्य भोजन, यहां तक कि खिचड़ी, का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि भोजन व्यक्ति की पसंद और जरूरत के अनुसार होना चाहिए।
शरीर को देते हैं पहली प्राथमिकता
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि लोग अक्सर दिनभर के काम और खाने को महत्व देते हैं, लेकिन शरीर पर ध्यान बाद में देते हैं। उन्होंने गहरी सांस लेने और शरीर को पर्याप्त महत्व देने की सलाह दी।
फिटनेस का मतलब सिर्फ जिम नहीं
पीएम मोदी के सार्वजनिक बयानों से जो बातें सामने आती हैं, उनमें नियमित योग, व्यायाम, संतुलित खान-पान, पर्याप्त नींद और दिनचर्या में अनुशासन शामिल हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की फिटनेस का आकलन केवल सार्वजनिक बयानों या दिखाई देने वाली सक्रियता के आधार पर नहीं किया जा सकता।
इन आदतों से क्या सीख सकते हैं?
फिटनेस को लेकर उनकी बताई बातों को सामान्य जीवनशैली के स्तर पर देखा जाए तो नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और शरीर को प्राथमिकता देना उपयोगी आदतें हो सकती हैं। अपनी उम्र, स्वास्थ्य और जरूरत के अनुसार व्यायाम या डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।






