चेन्नई, 7 नवंबर 2026 : भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता कमल हासन 7 नवंबर को 72 साल के हो गए हैं। करीब छह दशक लंबे करियर में उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन, लेखन और फिल्म निर्माण में अपनी पहचान बनाई है। उनकी फिल्मों में प्रयोग करने की आदत और किरदारों में ढलने की क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। कमल हासन की सात फिल्मों को भारत की ओर से ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री के लिए चुना गया। उन्हें पद्मश्री व पद्मभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं। हालांकि फिल्मों के अलावा कमल हासन अपने बेबाक राजनीतिक और सामाजिक बयानों के कारण भी लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कभी उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकवादी बताया, तो कभी सनातन धर्म को लेकर उनकी टिप्पणी पर विवाद हुआ। 2025 में फिल्म 'ठग लाइफ' के ऑडियो लॉन्च पर तमिल और कन्नड़ भाषा को लेकर दिया गया बयान भी बड़े विवाद की वजह बना। उनकी निजी जिंदगी, रिश्तों और फिल्ममेकर्स के साथ मतभेदों को लेकर भी कई बार चर्चाएं हुईं। कमल हासन पर जानिए उनके बयानों, फिल्मों और निजी जिंदगी से जुड़े 10 बड़े विवादों की कहानी।

1. ठग लाइफ के ऑडियो लॉन्च पर कन्नड़ भाषा को लेकर विवाद

उन्होंने कहा- 'तमिल ने कन्नड़ को जन्म दिया'। मई 2025 में फिल्म 'ठग लाइफ' के ऑडियो लॉन्च कार्यक्रम में कमल हासन ने कन्नड़ अभिनेता शिवराजकुमार को संबोधित करते हुए कहा था, 'उइरे उरावे तमीज', यानी तमिल उनके जीवन और रिश्तों का हिस्सा है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि कन्नड़ भाषा की उत्पत्ति तमिल से हुई है। उनकी इस टिप्पणी पर कर्नाटक में विरोध शुरू हो गया। बीजेपी नेताओं और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने इसे कन्नड़ भाषा और उसके इतिहास का अपमान बताया। कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी फिल्म की रिलीज का विरोध किया। 3 जून 2025 को कर्नाटक हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कमल हासन को माफी मांगने की सलाह दी गई। हालांकि, उन्होंने माफी मांगने से इनकार किया और कहा कि उनकी टिप्पणी के पीछे कोई दुर्भावना नहीं थी। विवाद के कारण 5 जून 2025 को फिल्म कर्नाटक में रिलीज नहीं हो सकी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज रोकने के तरीके पर सवाल उठाए और राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा। हालांकि इसके बाद भी कर्नाटक के वितरकों ने फिल्म रिलीज नहीं की।

2. नाथूराम गोडसे को बताया आजाद भारत का पहला आतंकी

कहा- 'आजाद भारत का पहला आतंकी एक हिंदू था, उसका नाम नाथूराम गोडसे था'। मई 2019 में कमल हासन ने अपनी राजनीतिक पार्टी मक्कल नीधि मय्यम (MNM) के उम्मीदवार के समर्थन में तमिलनाडु की अरवाकुरिची विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार किया था। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। उनके इस बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। बीजेपी नेताओं और हिंदू संगठनों ने उनकी टिप्पणी की आलोचना की। उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। कमल हासन ने बाद में अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया था और किसी समुदाय को निशाना बनाने का उनका इरादा नहीं था।

3. फिल्म 'विश्वरूपम' पर विवाद, देश छोड़ने तक की कही बात

कमल हसन ने कहा- 'धर्मनिरपेक्ष देश नहीं मिला तो दूसरे देश में बस जाऊंगा'।

2013 में कमल हासन की फिल्म 'विश्वरूपम' रिलीज से पहले विवादों में घिर गई थी। फिल्म की कहानी और कुछ दृश्यों में मुस्लिम किरदारों के चित्रण को लेकर कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई थी। संगठनों का आरोप था कि फिल्म में मुस्लिम समुदाय को आतंकवाद से जोड़कर दिखाया गया है। फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने के बावजूद तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते इसकी रिलीज पर दो हफ्ते की रोक लगा दी। कमल हासन ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। इस बीच उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने फिल्म बनाने के लिए अपना घर तक गिरवी रखा है। अगर फिल्म रिलीज नहीं हुई तो वह आर्थिक रूप से बर्बाद हो सकते हैं। उन्होंने चित्रकार एमएफ हुसैन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हुसैन को देश छोड़ना पड़ा, वैसी स्थिति उनके सामने भी पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु छोड़कर किसी धर्मनिरपेक्ष राज्य में बसेंगे और ऐसा राज्य नहीं मिला तो दूसरे धर्मनिरपेक्ष देश में चले जाएंगे। आखिरकार मुस्लिम संगठनों, कमल हासन और राज्य सरकार के बीच बातचीत हुई। छह घंटे चली बैठक के बाद फिल्म के सात विवादित दृश्यों के ऑडियो म्यूट करने पर सहमति बनी। 7 फरवरी 2013 को फिल्म तमिलनाडु में रिलीज हुई।

4. एलन मस्क से सोशल मीडिया पर भिड़े कमल हासन

उन्होंने कहा- 'भारत लोकतंत्र है, किसी का गुलाम नहीं'। अक्टूबर 2026 में एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की लॉन्चिंग में देरी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी 165 से अधिक देशों में लाइसेंस हासिल कर चुकी है, लेकिन भारत में करीब पांच साल से सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करने की कोशिश कर रही है। मस्क ने सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी का जिक्र करते हुए सवाल किया था कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं ? इस पर कमल हासन ने जवाब देते हुए कहा कि कोई भी अरबपति किसी देश की नीतियां तय नहीं कर सकता, चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी। उन्होंने लिखा कि भारत एक स्वतंत्र लोकतंत्र है और देश का भविष्य यहां की जनता तय करेगी, न कि कोई अरबपति या विदेशी ताकत। कमल हासन ने यह भी कहा कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत होना चाहिए, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और आम लोगों के लिए किफायती इंटरनेट की उपलब्धता भी जरूरी है।

5. सनातन धर्म पर टिप्पणी से राजनीतिक विवाद

कहा- 'तानाशाही और सनातन की बेड़ियां तोड़ने का हथियार शिक्षा है'। अगस्त 2025 में राज्यसभा सांसद बनने के कुछ दिन बाद कमल हासन ने चेन्नई में अभिनेता सूर्या की संस्था अग्रम फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह हथियार है, जिससे तानाशाही और सनातन धर्म की बेड़ियों को तोड़ा जा सकता है। उनके इस बयान पर तमिलनाडु बीजेपी के नेताओं ने आपत्ति जताई। बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने कहा कि शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके साथ सनातन धर्म को जोड़ना अनावश्यक था। उनकी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई।

6. बेटियों के स्कूल फॉर्म में धर्म और जाति का कॉलम खाली छोड़ा

कहा- नई पीढ़ी को जाति और धर्म की पहचान से ऊपर उठना चाहिए। 2018 में कमल हासन ने सोशल मीडिया पर बताया था कि उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के स्कूल एडमिशन फॉर्म में धर्म और जाति से जुड़े कॉलम खाली छोड़े थे। उनका कहना था कि नई पीढ़ी को जाति और धर्म के आधार पर अपनी पहचान तय करने के बजाय इनसे ऊपर उठना चाहिए। उनके इस बयान के बाद उनकी बेटी श्रुति हासन का पुराना इंटरव्यू चर्चा में आ गया। इसमें श्रुति ने खुद को अयंगर समुदाय से जुड़ा बताया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कमल हासन के बयान और उनकी बेटी की पहचान को लेकर बहस शुरू हो गई।

7. चेन्नई बाढ़ के दौरान राहत राशि को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

कहा- राहत के लिए सरकार लोगों से चंदा क्यों मांग रही है ? दिसंबर 2015 में चेन्नई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। हजारों लोग प्रभावित हुए और राहत कार्यों को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठने लगे। कमल हासन ने राहत कार्यों को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने सवाल किया था कि सरकार के पास पर्याप्त संसाधन होने चाहिए, ऐसे में राहत के लिए आम लोगों से चंदा क्यों मांगा जा रहा है ? उनकी टिप्पणी पर तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता की सरकार के वित्त मंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने जवाब दिया था। उन्होंने कमल हासन पर जमीनी हालात की पूरी जानकारी के बिना बयान देने का आरोप लगाया। विवाद बढ़ने के बाद कमल हासन ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी और माफी भी मांगी।

8. फिल्म 'नायकन' के प्रोड्यूसर से हुआ विवाद

कहा- प्रोड्यूसर फिल्मों को कला नहीं, कारोबार की तरह देखते थे। 1987 में रिलीज हुई फिल्म 'नायकन' को कमल हासन के करियर की यादगार फिल्मों में गिना जाता है। इसका निर्देशन मणिरत्नम ने किया था। फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने पर कमल हासन ने अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' में फिल्म के निर्माण से जुड़ा एक लेख लिखा था। इसमें उन्होंने प्रोड्यूसर मुक्ता श्रीनिवासन के काम करने के तरीके पर टिप्पणी की थी। कमल के मुताबिक, उस दौर के कई प्रोड्यूसर फिल्मों को कला के बजाय कारोबार की तरह देखते थे। यह टिप्पणी मुक्ता श्रीनिवासन को पसंद नहीं आई। उन्होंने कमल हासन को कानूनी नोटिस भेजा। उनका आरोप था कि अभिनेता ने लेख में उनके योगदान को कम करके दिखाया और फिल्म की सफलता का श्रेय खुद लेने की कोशिश की। इसके अलावा 'गुना' और 'थेवर मगन' जैसी फिल्मों के निर्माण के दौरान भी कमल हासन और दूसरे फिल्ममेकर्स के बीच रचनात्मक मतभेदों की खबरें सामने आई थीं।

9. एक्ट्रेस रेखा ने लगाया बिना सहमति किस करने का आरोप

रेखा ने कहा- मुझे इस सीन की पहले से जानकारी नहीं थी। 1986 में रिलीज हुई फिल्म 'पुन्नगई मन्नन' में कमल हासन और अभिनेत्री रेखा हैरिस के बीच एक किसिंग सीन फिल्माया गया था। करीब तीन दशक बाद 2020 में रेखा ने एक इंटरव्यू में आरोप लगाया कि उन्हें इस सीन के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी। उनके मुताबिक शूटिंग के दौरान अचानक यह सीन फिल्माया गया था। रेखा ने कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि ऐसा सीन शूट किया जाएगा तो वह इसके लिए सहमति नहीं देतीं। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में उन्होंने फिल्म के सहायक निर्देशकों से इस बारे में बात की थी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। रेखा के इस खुलासे के बाद फिल्म के पुराने सीन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।

10. पूर्व पार्टनर गौतमी ने लगाए पेमेंट नहीं करने के आरोप

आरोप- फिल्मों में काम करवाया, लेकिन पूरा भुगतान नहीं किया। कमल हासन और अभिनेत्री गौतमी करीब 13 साल तक रिलेशनशिप में रहे। दोनों अक्टूबर 2016 में अलग हो गए थे। फरवरी 2018 में गौतमी ने अपने ब्लॉग में कमल हासन और उनकी प्रोडक्शन कंपनी राजकमल फिल्म्स इंटरनेशनल पर कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग के काम का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया था। गौतमी के मुताबिक, उन्होंने 'दशावतारम' और 'विश्वरूपम' जैसी फिल्मों में कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग का काम किया था, लेकिन अक्टूबर 2016 तक उनकी फीस का एक बड़ा हिस्सा बकाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि कमल हासन ने उन्हें दूसरे फिल्ममेकर्स के साथ काम करने से रोका, जिससे उनके करियर पर असर पड़ा। ये आरोप गौतमी की ओर से लगाए गए थे। दोनों के रिश्ते के खत्म होने के बाद यह विवाद काफी चर्चा में रहा।

श्रीविद्या से लेकर गौतमी तक, रिश्तों को लेकर भी चर्चा में रहे कमल हासन

कमल हासन की निजी जिंदगी भी उनके फिल्मी करियर की तरह चर्चा में रही है। करियर के शुरुआती दौर में उनका नाम अभिनेत्री श्रीविद्या के साथ जुड़ा था। दोनों ने के. बालाचंदर की फिल्म 'अपूर्वा रागंगल' में साथ काम किया था। बाद में दोनों के रिश्ते में दूरी आ गई। इसके बाद कमल हासन ने 1978 में क्लासिकल डांसर वाणी गणपति से शादी की। करीब 10 साल बाद दोनों अलग हो गए। इसके बाद कमल हासन अभिनेत्री सारिका के साथ रिश्ते में आए। दोनों की पहली बेटी श्रुति हासन का जन्म 1986 में हुआ। इसके बाद 1988 में कमल और सारिका ने शादी की। 1991 में उनकी दूसरी बेटी अक्षरा हासन का जन्म हुआ। कमल और सारिका 2002 में अलग हो गए और 2004 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 2005 में कमल हासन की जिंदगी में अभिनेत्री गौतमी आईं। दोनों करीब 13 साल तक साथ रहे। 2016 में दोनों अलग हो गए। बाद में गौतमी ने कमल हासन की प्रोडक्शन कंपनी पर भुगतान से जुड़े आरोप लगाए थे।

कमल हासन : अभिनय से राजनीति तक का सफर

कमल हासन ने बाल कलाकार के रूप में फिल्मों में काम शुरू किया था। उन्होंने तमिल के अलावा हिंदी, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में अभिनय किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'नायकन', 'इंडियन', 'विश्वरूपम', 'दशावतारम', 'हे राम' और 'विक्रम' शामिल हैं। 2018 में उन्होंने राजनीतिक पार्टी मक्कल नीधि मय्यम की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। 2025 में वह राज्यसभा सांसद बने। अभिनय, निर्देशन, लेखन और राजनीति के बीच कमल हासन ने हमेशा अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। उनके समर्थक उन्हें प्रयोगधर्मी कलाकार मानते हैं, जबकि उनके बेबाक बयानों पर कई बार राजनीतिक और सामाजिक बहस भी छिड़ती रही है।