रांची, 21 अगस्त 2026 : झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर शुक्रवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने संबंधी सरकारी आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।
JSSC-CGL और CDPO परीक्षा को लेकर बड़ी राहत
राज्य सरकार ने JSSC-CGL, CDPO, FRO और FSO समेत कई परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था। सरकार के इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं। शुक्रवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने पक्ष रखा। अदालत ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा के विज्ञापन को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले में राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा गया है।
JPSC परीक्षाओं पर भी सरकार से जवाब तलब
याचिकाओं में JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले को भी चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने CDPO और JSSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा से जुड़े मामले में राज्य सरकार और JPSC को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था परीक्षा रद्द करने का फैसला
दरअसल, CID जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर झारखंड सरकार ने 18 अगस्त की देर रात कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इन मामलों में TDPL (TSR Data Processing Private Limited) नामक एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। यह एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी रही है। सरकार ने वर्ष 2014 के बाद आयोजित नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की थी।
22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 जांच के दायरे में
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 22 परीक्षाएं रद्द, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है। हाईकोर्ट के इस फैसले से JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अंतिम स्थिति आगे की सुनवाई और अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।




