रांची, 25 अगस्त 2026 : झारखंड पुलिस आरक्षी नियुक्ति परीक्षा 2015 के अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। करीब 11 साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे 800 से अधिक अभ्यर्थियों की नौकरी का रास्ता सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मूल रिट याचिकाकर्ताओं को शारीरिक दक्षता परीक्षा में ‘Deemed Qualified’ मानते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का लाभ केवल मूल रिट याचिकाकर्ताओं को ही मिलेगा। जबकि हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने वाले अन्य अभ्यर्थी इस आदेश के दायरे में नहीं होंगे।

क्या है पूरा मामला ?

यह मामला झारखंड पुलिस आरक्षी नियुक्ति विज्ञापन संख्या 4/2015 से जुड़ा है। राज्य में अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा की प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। नियुक्ति को लेकर लंबे समय तक मामला अदालत में चलता रहा। न्याय की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। मामला जितेंद्र कुमार शर्मा एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य से संबंधित है।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था ?

सुप्रीम कोर्ट ने तीन जून को संबंधित अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा में छूट देते हुए उनकी नियुक्ति पर विचार करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही दोबारा मेडिकल जांच और शारीरिक दक्षता परीक्षा कराने को कहा गया था। इसके बाद झारखंड पुलिस ने रांची एसएसपी के नेतृत्व में एक बोर्ड गठित किया और अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा कराई।

1600 मीटर की दौड़ में क्या हुआ ?

20 अगस्त को 437 अभ्यर्थी, जबकि 21 अगस्त को करीब 125 अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों को 1600 मीटर की दौड़ तीन मिनट में पूरी करनी थी। पुलिस की ओर से कराई गई परीक्षा में केवल दो अभ्यर्थी ही निर्धारित समय के भीतर दौड़ पूरी कर सके। इसके बाद पुलिस बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर पुलिस मुख्यालय को सौंप दी।

फिर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?

21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की स्थिति पर राज्य सरकार से रिपोर्ट ली। पुलिस की ओर से शारीरिक दक्षता परीक्षा के परिणाम की जानकारी कोर्ट के सामने रखी गई। इसके बाद अदालत ने संबंधित मूल रिट याचिकाकर्ताओं को शारीरिक दक्षता परीक्षा में Deemed Qualified मानते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। यानी शारीरिक परीक्षा में निर्धारित समय पूरा नहीं कर पाने के बावजूद, कोर्ट के विशेष आदेश के तहत संबंधित मूल याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

करीब 300 होमगार्ड भी शामिल

इस सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत को बताया गया कि सफल अभ्यर्थियों में करीब 300 होमगार्ड कर्मी भी शामिल हैं। ये कर्मी लंबे समय से राज्य में सेवा दे रहे हैं। इश पर अदालत ने इन होमगार्ड कर्मियों को भी समायोजित करने का निर्देश दिया।

क्या सभी अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ ?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश का दायरा स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसका लाभ केवल मूल रिट याचिकाकर्ताओं को ही मिलेगा। जिन उम्मीदवारों ने बाद में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है, उन्हें इस आदेश के आधार पर नियुक्ति का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस फैसले को भविष्य के मामलों के लिए सामान्य नजीर नहीं माना जाएगा।

11 साल बाद खत्म होगा इंतजार

झारखंड पुलिस भर्ती 2015 से जुड़े इन अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है। करीब 11 वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 800 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए अब सरकारी नौकरी पाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी होगी।