पटना, 16 सितंबर। ज्योतिष शास्त्र में पुखराज को बृहस्पति यानी गुरु ग्रह का रत्न माना जाता है। इसे ज्ञान, शिक्षा, धन, विवाह, संतान और करियर जैसे विषयों से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पुखराज हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसे धारण करने से पहले कुंडली में गुरु की स्थिति, लग्न और दूसरे ग्रहों के साथ उसके संबंध को देखना जरूरी माना जाता है।