पटना, 16 सितंबर। भगवान विश्वकर्मा की पूजा का पर्व 17 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ फैक्ट्री, दुकान, वर्कशॉप, गैराज और कार्यस्थल पर इस्तेमाल होने वाले औजारों, मशीनों, वाहनों और दूसरे उपकरणों की भी पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे काम में सफलता और समृद्धि की कामना की जाती है।
पूजा से पहले करें कार्यस्थल की सफाई
विश्वकर्मा पूजा की तैयारी के लिए सबसे पहले फैक्ट्री, दुकान, ऑफिस, वर्कशॉप या गैराज की अच्छी तरह सफाई करें। जिन मशीनों और औजारों की पूजा करनी है, उन्हें भी साफ करें। छोटे उपकरणों को एक जगह व्यवस्थित किया जा सकता है। बड़ी मशीनों को उनकी जगह से हटाना जरूरी नहीं है। अगर कोई उपकरण खराब है और उसकी मरम्मत संभव है, तो उसे ठीक कराना बेहतर माना जाता है।
ऐसे करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा
पूजा के लिए एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। पास में जल से भरा कलश रखें। कलश पर कलावा बांधकर आम के पत्ते और नारियल रखा जा सकता है।
इसके बाद भगवान विश्वकर्मा को फूल और माला अर्पित करें। छोटी मशीनों, औजारों और वाहनों पर भी रोली या कुमकुम और अक्षत से तिलक करें। बड़ी मशीनों की पूजा उनके स्थान पर ही की जा सकती है।
दीप, धूप और भोग लगाएं
पूजा के दौरान दीपक और धूप-अगरबत्ती जलाएं। भगवान विश्वकर्मा को फल, मिठाई और अन्य पूजा सामग्री का भोग लगाएं। इसके बाद ‘ॐ विश्वकर्मणे नमः’ मंत्र का जाप कर आरती करें। पूजा पूरी होने के बाद सभी लोगों में प्रसाद बांटें।
वाहनों की पूजा में रखें सुरक्षा का ध्यान
अगर वाहन की पूजा करनी है तो उसे पहले साफ करें और सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। पूजा के दौरान इंजन चालू करने या मशीनरी के आसपास लापरवाही से काम करने से बचें। बड़ी मशीनों के पास पूजा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है।
पूजा के दिन मशीन चलाने को लेकर क्या मान्यता है?
कई जगहों पर विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों को आराम देने की परंपरा है। इसे काम के साधनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने से जोड़ा जाता है। हालांकि, जरूरी सेवाओं और काम के लिए मशीनों का इस्तेमाल परिस्थितियों के अनुसार किया जा सकता है।
ध्यान रखें कि पूजा-विधि और शुभ परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में कुछ हद तक अलग हो सकती हैं। इन्हें धार्मिक मान्यता के रूप में ही समझना चाहिए।






