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12 अगस्त को लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण! 'दिन में रात' जैसा होगा नजारा, जानें भारत में दिखेगा या नहीं | Diarch News
12 अगस्त को लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण! 'दिन में रात' जैसा होगा नजारा, जानें भारत में दिखेगा या नहीं
12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होगा और 11:16 बजे चरम पर पहुंचेगा। जानें इसकी पूरी टाइमिंग, दृश्यता और भारत में सूतक काल को लेकर क्या है मान्यता।
Sapna Kashyap
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नई दिल्ली | 11 अगस्त 2026
आसमान में कल यानी 12 अगस्त 2026 को साल का पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इस खगोलीय घटना को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा। ग्रहण का चरम समय रात 11 बजकर 16 मिनट बताया गया है। इस तरह इसकी कुल अवधि करीब 4 घंटे 23 मिनट रहेगी।
कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप और उत्तरी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। स्पेन, पुर्तगाल, आइसलैंड और ग्रीनलैंड में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा। स्पेन में दिन के समय सूर्य के पूरी तरह ढकने से कुछ समय के लिए रात जैसा अंधेरा दिखाई देने की संभावना है।
इन जगहों पर दिखेगा आंशिक ग्रहण
पूर्ण ग्रहण के अलावा ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण नजर आ सकता है। आर्कटिक और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों के साथ रूस के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में भी ग्रहण दिखाई देने की संभावना है।
भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण
भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि ग्रहण के दौरान यहां रात का समय रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भारत में ग्रहण दृश्य नहीं होने की स्थिति में सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से की जा सकती हैं।
ग्रहण के बाद दान और मंत्र जाप की मान्यता
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के बाद जरूरतमंदों को दूध, चावल और चीनी जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। वहीं, ‘ॐ नमः शिवाय’ और महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जाप करने की धार्मिक परंपरा भी बताई गई है।
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए क्या करें?
ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ये सभी उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय नहीं हैं।