सहरसा | 7 अगस्त 2026
बिहार के सहरसा जिले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम अधिकारी के आवास, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज, बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अब तक DPO के बैंक खातों से बड़े लेन-देन की जानकारी मिली है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज हुआ केस
जानकारी के अनुसार, EOU ने DPO अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान प्रारंभिक तौर पर करीब 62 लाख 20 हजार 550 रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चलने की बात सामने आई है। EOU थाना में कांड संख्या 17/26 (6 अगस्त 2026) दर्ज करने के बाद मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी अदालत से तलाशी वारंट लिया गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह DSP स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी शुरू की गई।
इन चार ठिकानों पर चल रही जांच
EOU की टीम ने एक साथ चार जगहों पर कार्रवाई शुरू की है।
सहरसा के बरियाही थाना क्षेत्र स्थित पैतृक/निजी मकान
सहरसा के नया बाजार स्थित किराये का आवास
सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय
छपरा के गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास
छापेमारी के दौरान आर्थिक अपराध इकाई की टीम दस्तावेज, बैंक खातों, निवेश और अचल संपत्तियों से जुड़े कागजात की जांच कर रही है।
पत्नी के नाम करोड़ों की जमीन की जांच
EOU अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान DPO अजीत अमर के बैंक खातों से बड़े लेन-देन की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि बैंक खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की जांच की जा रही है। इसके अलावा पत्नी के नाम पर खरीदी गई करोड़ों रुपये की जमीन और पैतृक आवास में बनाए गए आलीशान मकान की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
बताया जा रहा है कि DPO अजीत अमर के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। इसी क्रम में आर्थिक अपराध इकाई ने कार्रवाई करते हुए उनके अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है।
जांच पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई
EOU अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है। छापेमारी में मिलने वाले दस्तावेजों और सबूतों का विश्लेषण किया जाएगा। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल EOU की टीम सभी ठिकानों पर जांच में जुटी हुई है।




