पटना, 12 अगस्त 2026 : बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार में 598 नए शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को मंजूरी दे दी है। इनमें 164 Urban Primary Health Centre (UPHC) और 434 Urban Health and Wellness Centre (UHWC) शामिल हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों का खास फायदा शहरी गरीबों, स्लम बस्तियों में रहने वाले परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मिलने की उम्मीद है। यहां मरीजों को कई प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और दवाएं मुफ्त दी जाएंगी।
सिर्फ दो रुपये के पर्चे पर OPD इलाज
नई व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि मरीजों को सिर्फ 2 रुपये के पर्चे यानी सुविधा शुल्क पर OPD में इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जरूरी दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन का समय भी निर्धारित किया गया है।
UPHC : सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक
UHWC : सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक
इससे लोगों को अपने कामकाज के बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं लेने में सुविधा मिल सकती है।
598 नए स्वास्थ्य केंद्रों को मिली मंजूरी
राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) के तहत बिहार में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मंजूर किए गए 598 केंद्रों में : 164 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC), 434 शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (UHWC) शामिल हैं। इन केंद्रों के जरिए लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
इलाज के साथ मिलेंगी 12 तरह की स्वास्थ्य सेवाएं
इन हेल्थ सेंटरों पर केवल सामान्य बीमारियों का इलाज ही नहीं होगा। यहां करीब 12 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं : OPD में इलाज, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन संबंधी सेवाएं, स्वास्थ्य परामर्श, संचारी रोगों की जांच, गैर-संचारी रोगों की जांच, मुफ्त दवा वितरण इससे स्थानीय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
स्लम बस्तियों के आसपास खुलेंगे स्वास्थ्य केंद्र
सरकार का विशेष फोकस शहरी स्लम इलाकों पर है। जरूरत वाले क्षेत्रों में किराये के भवनों में स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जाने की योजना है। इसके अलावा दूरस्थ और जरूरतमंद इलाकों में स्वास्थ्य शिविर और आयुष्मान आरोग्य शिविर भी लगाए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था में शहरी आशा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
पटना में 11 जन सेवा केंद्र बनेंगे हेल्थ सेंटर
पटना के लोगों के लिए भी इस योजना के तहत विशेष व्यवस्था की गई है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल के तहत शहर में पहले से संचालित 11 जन सेवा केंद्रों को अब शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के तौर पर संचालित किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इन 11 केंद्रों के संचालन को भी मंजूरी मिल चुकी है।
इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में भी स्वास्थ्य केंद्र
युवाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में भी हेल्थ सेंटर संचालित किए जाएंगे।
शहरी निकाय क्षेत्रों में आने वाले : 19 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान, 14 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में Urban Health and Wellness Centre संचालित किए जाने की योजना है।
इन केंद्रों का लाभ कॉलेज के छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को मिल सकेगा।
गरीब और कमजोर वर्ग को सबसे ज्यादा फायदा
सरकार का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर के करीब पहुंचाना है। खासकर स्लम बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने से छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर अस्पताल जाने की जरूरत कम हो सकती है। 598 नए स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन के बाद बिहार के शहरी इलाकों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।




