पटना, 12 अगस्त 2026 : बिहार में जमीन और अन्य संपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को सभी निबंधन कार्यालयों में लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। लक्ष्य है कि 17 अगस्त 2026 तक बिहार के सभी 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री की सुविधा शुरू हो जाए। नई व्यवस्था के तहत डीड तैयार करने से लेकर स्टांप शुल्क के भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद Digital Deed की कॉपी WhatsApp या ई-मेल के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी।

141 निबंधन कार्यालयों में लागू होगी नई व्यवस्था

राज्य के 141 निबंधन कार्यालयों में से 51 कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन शुरू हो चुका है। बाकी 91 कार्यालयों में भी 17 अगस्त तक यह सुविधा लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग ने इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। पहले चरण में 11 जुलाई को 10 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की गई थी। इसके बाद 30 जुलाई को दूसरे चरण में 40 और कार्यालयों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया। अब शेष कार्यालयों में भी सिस्टम लागू करने की तैयारी है।

डीड से डिजिटल सिग्नेचर तक पूरा काम ऑनलाइन

पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से : डीड तैयार करना, स्टांप शुल्क का भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल सिग्नेचर, रजिस्ट्री के बाद Digital Deed उपलब्ध कराना जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से पूरा किया जाएगा। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को डिजिटल डीड WhatsApp या ई-मेल के जरिए भेजी जाएगी।

अधिकारियों को 17 अगस्त तक व्यवस्था पूरी करने का निर्देश

मंगलवार को मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। इसमें विभाग के सचिव नवीन कुमार ने पेपरलेस निबंधन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में सभी 141 निबंधन कार्यालयों में तय समय सीमा के भीतर व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया। जिन कार्यालयों में अभी तक पेपरलेस सिस्टम शुरू नहीं हुआ है, वहां लंबित काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

AIG हर सप्ताह करेंगे निबंधन कार्यालयों का निरीक्षण

पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। सभी AIG को हर सप्ताह 10 निबंधन कार्यालयों का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के बाद संबंधित कार्यालय की स्थिति और प्रगति की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी। इसके अलावा मुख्यालय स्तर पर भी औचक और स्थल निरीक्षण के लिए टीम गठित की जाएगी।

75 साल से अधिक उम्र के लोगों को घर पर रजिस्ट्री की सुविधा

नई व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष सुविधा की तैयारी है। 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को घर पर ही जमीन, प्लॉट और फ्लैट के निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों से कहा गया है कि जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को इस सुविधा का लाभ दिलाने के साथ उनके निबंधन मामलों का समय पर निपटारा भी सुनिश्चित किया जाए।

सेवा प्रदाताओं को मिलेगा पारिश्रमिक

पेपरलेस निबंधन में लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं की भी भूमिका तय की गई है। वे आम लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में सहायता देने और व्यवस्था की निगरानी में सहयोग करेंगे। दस्तावेज के मूल्य के आधार पर सेवा प्रदाताओं के लिए पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।

दस्तावेज के मूल्य के हिसाब से पारिश्रमिक

दस्तावेज का मूल्य — सेवा प्रदाता का पारिश्रमिक

₹1 लाख तक ₹1,000

₹5 लाख तक ₹2,500

₹5 लाख से अधिक ₹5,000

पेपरलेस रजिस्ट्री को लेकर भ्रम दूर करने पर जोर

विभाग ने पेपरलेस निबंधन को लेकर लोगों के बीच मौजूद भ्रम और आशंकाओं को दूर करने के निर्देश दिए हैं। जिन जिलों में पेपरलेस निबंधन की संख्या अपेक्षा के मुताबिक नहीं है, वहां जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा जाएगा। सेवा प्रदाताओं को भी आम लोगों को नई व्यवस्था के बारे में सही जानकारी देने और उन्हें डिजिटल प्रक्रिया समझाने की जिम्मेदारी दी गई है।

GIS तकनीक से होगा स्थल निरीक्षण

जमीन के स्थल निरीक्षण की प्रक्रिया में GIS तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी है। इसके लिए सभी जिला निबंधन कार्यालयों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इससे स्थल निरीक्षण को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अवैध संपत्ति बिक्री पर भी रहेगी नजर

इस बैठक में अवैध तरीके से संपत्ति की बिक्री, न्यायालय से जुड़े मामलों के समय पर निपटारे और सेवा प्रदाताओं के लाइसेंस की समीक्षा समेत कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विभाग का लक्ष्य है कि 17 अगस्त तक बिहार के सभी 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू कर दी जाए। नई व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होने के साथ जमीन रजिस्ट्री को अधिक डिजिटल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।