पटना, 8 अगस्त 2026 : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी से अलग चल रहे साधु यादव ने शक्ति सिंह यादव को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। लालू प्रसाद यादव के साले और तेजस्वी यादव के मामा साधु यादव ने एक पुराने कथित विवाद का जिक्र करते हुए दावा किया कि शक्ति सिंह यादव के व्यवहार को लेकर कभी लालू यादव तक शिकायत पहुंची थी।

साधु यादव ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि शक्ति सिंह यादव को लेकर पार्टी के भीतर पहले भी शिकायतें होती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि एक बार मौर्य लोक स्थित गिरिजा खादी भंडार से कपड़ा लेने के बाद शक्ति सिंह यादव कथित तौर पर बिना भुगतान किए वहां से चले गए थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। साधु यादव ने दावा किया कि इस कथित घटना की जानकारी रामकृपाल यादव और श्याम रजक ने लालू प्रसाद यादव को दी थी। उनके मुताबिक, इसके बाद लालू यादव ने अब्दुल बारी सिद्दीकी से फोन पर बात की और शक्ति सिंह यादव को पार्टी से हटाने की बात कही थी। साधु यादव ने कहा कि कुछ दिनों बाद दोबारा इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन उनके अनुसार कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में शक्ति सिंह यादव फिर से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय हो गए।

'पार्टी में दलाल टाइप के लोग'

साधु यादव ने RJD के मौजूदा संगठन और नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े कार्यकर्ताओं की जगह प्रभावशाली पदों पर पहुंच गए हैं। उन्होंने शक्ति सिंह यादव, भोला यादव और संजय यादव का नाम लेते हुए पार्टी के भीतर असंतोष की बात कही। साधु यादव के मुताबिक, बाहर से आने वाले नेताओं को ज्यादा महत्व मिलने से पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

तेजस्वी यादव को दी मामा ने नसीहत

साधु यादव ने अपने भांजे तेजस्वी यादव को पार्टी और कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को रोजाना बड़ी संख्या में लोगों से मिलना चाहिए, ताकि उन्हें जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने दावा किया कि तेजस्वी के आसपास मौजूद कुछ लोग उन्हें जनता और कार्यकर्ताओं से दूर कर रहे हैं। साधु यादव ने कहा कि अगर नेता सीधे लोगों से मिलेगा तो उसे यह भी पता चलेगा कि उसके नाम पर कोई गलत काम या कथित वसूली तो नहीं कर रहा।

'तेजस्वी को रोज दो हजार लोगों से मिलना चाहिए'

साधु यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव को रोजाना करीब 2,000 लोगों से मिलने का लक्ष्य रखना चाहिए। उनके मुताबिक, जनता और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बढ़ने से पार्टी की स्थिति बेहतर हो सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर पार्टी की कोई कमेटी भंग हो चुकी है तो उससे जुड़े पदों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है।

RJD के पुराने नेताओं का भी जिक्र

साधु यादव ने पार्टी के पुराने नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि मृत्युंजय तिवारी जैसे नेता मीडिया के सामने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेताओं को दरकिनार करने से पार्टी को नुकसान हुआ है। हालांकि, साधु यादव की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित नेताओं या RJD की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्यों अहम है साधु यादव का बयान ?

बिहार की राजनीति में RJD के संगठन और नेतृत्व को लेकर लगातार चर्चा के बीच साधु यादव का यह बयान पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर नए सवाल खड़े करता है। खासकर तेजस्वी को सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से जुड़ने की उनकी सलाह राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।