पटना, 8 अगस्त 2026 : पटना यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शनिवार को उस वक्त हंगामा हो गया, जब कुछ छात्रों ने सभी विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर डिग्री देने की मांग शुरू कर दी। विरोध और नारेबाजी के बीच बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन बिना संबोधन दिए ही कार्यक्रम से लौट गए। दीक्षांत समारोह का आयोजन पटना वीमेंस कॉलेज के मदर वेरोनिका ऑडिटोरियम में किया गया था। कार्यक्रम में पीजी सत्र 2023-25 के मेधावी विद्यार्थियों और पीएचडी शोधार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए गए।
मंच पर सभी को डिग्री देने की मांग पर हंगामा
पटना विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तय व्यवस्था के तहत मंच पर केवल गोल्ड मेडल हासिल करने वाले टॉपर्स और पीएचडी डिग्री धारकों को सम्मानित किया जाना था। इसी व्यवस्था को लेकर कुछ छात्र नाराज हो गए। छात्रों ने मांग की कि सभी डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर उपाधि दी जाए। देखते ही देखते विरोध और नारेबाजी तेज हो गई। स्थिति ऐसी बनी कि कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया और राज्यपाल सह कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन अपना संबोधन दिए बिना ही वापस लौट गए।
38 टॉपर्स को मिला गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में पीजी सत्र 2023-25 के कुल 38 टॉपर्स को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। इनमें 28 छात्राएं और 10 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा समारोह में कुल 1,305 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 155 पीएचडी डिग्री धारक भी शामिल हैं। मेडल और डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या उल्लेखनीय रही।
मंच पर किन विद्यार्थियों को बुलाया गया ?
पटना यूनिवर्सिटी प्रशासन ने समारोह के लिए तय व्यवस्था के तहत केवल गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले 38 टॉपर्स और 155 पीएचडी शोधार्थियों को मंच पर सम्मानित किया। अन्य विद्यार्थियों को मंच से अलग निर्धारित व्यवस्था के तहत डिग्री प्रदान की जानी थी। इसी व्यवस्था को लेकर छात्रों के एक समूह ने आपत्ति जताई और मंच पर सभी विद्यार्थियों को डिग्री देने की मांग की। विरोध के कारण समारोह की कार्यवाही प्रभावित हुई।
राज्यपाल के साथ ये अतिथि भी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में राज्यपाल सह कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर की कुलपति प्रो. पूनम टंडन विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुईं और विद्यार्थियों को संबोधित किया। दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। हालांकि, डिग्री वितरण की व्यवस्था को लेकर हुए विरोध ने कार्यक्रम की चर्चा बढ़ा दी।




