मधेपुरा, 8 अगस्त 2026 : बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव से पहले वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों का परिसीमन कराया जाएगा। परिसीमन पूरा होने के बाद आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा और इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मधेपुरा दौरे पर पहुंचे पंचायती राज मंत्री ने कहा कि परिसीमन से लेकर आरक्षण रोस्टर तैयार करने और पंचायत चुनाव कराने तक की पूरी प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन में होती है। इसलिए फिलहाल चुनाव की निश्चित तारीख या समय-सीमा बताना संभव नहीं है।

2011 की जनगणना बनेगी परिसीमन का आधार

मंत्री दीपक प्रकाश के मुताबिक पंचायतों और संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं तय करने के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। परिसीमन पूरा होने के बाद ही पंचायतों और वार्डों की नई स्थिति स्पष्ट होगी। इस प्रक्रिया का सीधा असर पंचायतों की सीमाओं और संभावित सीटों पर पड़ सकता है। ऐसे में चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की नजर अब परिसीमन की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

परिसीमन के बाद तैयार होगा आरक्षण रोस्टर

पंचायतों की नई सीमाएं तय होने के बाद अलग-अलग पंचायत और वार्ड स्तर पर आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी और कौन सी सीट सामान्य रहेगी। सीटों की सीमाएं या आरक्षण बदलने की स्थिति में कई पंचायतों के पुराने चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं। इसका असर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों की रणनीति पर भी पड़ सकता है।

पंचायत चुनाव की तारीख अभी तय नहीं

मंत्री ने पंचायत चुनाव की निश्चित तारीख बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं और इनका संचालन राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशन में होता है। पंचायती राज विभाग आयोग को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करा रहा है।

संभावित प्रत्याशियों की बढ़ी चिंता

परिसीमन और आरक्षण रोस्टर को लेकर संभावित प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ गई है। कई लोग पहले से ही अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क कर रहे हैं, लेकिन सीट की सीमा और आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद ही उनकी चुनावी रणनीति तय हो पाएगी। फिलहाल बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिसीमन के बाद पंचायतों और वार्डों की नई सीमाएं कैसी होंगी और आरक्षण रोस्टर में किन सीटों की स्थिति बदलेगी। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।