पटना, 8 अगस्त 2026 : नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिहार की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ की समस्या और नदियों के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार की आगे की रणनीति बताई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक बिहार के 15 जिले बाढ़ प्रभावित हैं, जबकि करीब दो हजार गांव अब भी हाई रिस्क जोन में हैं।
नेपाल के पानी से बढ़ता है बिहार में बाढ़ का खतरा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार एक तरफ सूखे की समस्या से जूझता है तो दूसरी तरफ हर साल बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित होती है। खासकर नेपाल में होने वाली भारी बारिश का असर बिहार की नदियों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य की चार प्रमुख नदियां लंबे समय से बिहार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने ये बातें 'ईस्टर्न जोनल कॉन्फ्रेंस-कम-कंसल्टेशन ऑन मिसिंग एंड ह्यूमन ट्रैफिकिंग' कार्यक्रम के दौरान कहीं।
15 जिले बाढ़ प्रभावित, 2 हजार गांव हाई रिस्क जोन में
सीएम ने बताया कि उत्तर बिहार में दक्षिण बिहार की तुलना में करीब डेढ़ गुनी आबादी रहती है। राज्य के 15 जिले बाढ़ प्रभावित हैं और करीब 2 हजार गांव हाई रिस्क जोन में आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है। गंगा, गंडक और कोसी जैसी प्रमुख नदियों को व्यवस्थित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
गंगा-कोसी के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
इस बीच गंगा और कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। नवगछिया पुलिस जिला के तटवर्ती इलाकों में तटबंधों पर दबाव बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के शनिवार सुबह छह बजे के आंकड़ों के अनुसार इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर, मदरौनी और जेबी चोरहर में नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है और तटबंधों की निगरानी तेज की जा रही है।
बिहार में 51 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में स्टील और न्यूक्लियर प्लांट समेत कई परियोजनाओं के लिए निवेशकों ने सहमति जताई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक बिहार में करीब 51 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग आएंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को अपने ही राज्य में स्थिर रोजगार मिल सकेगा।
बिहार में ही शिक्षा और रोजगार का माहौल बनाने पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ाई करने जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में ही शिक्षा, उद्योग और रोजगार के बेहतर अवसर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि राज्य के युवाओं को बाहर जाने की जरूरत कम पड़े।




