पटना में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने इंडिया गठबंधन की हालिया बैठक को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण के मुद्दों पर चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्षी गठबंधन के नेता इस बात में उलझे हैं कि किसे गले लगाना है और किसे नहीं। पांडेय ने दावा किया कि 8 जून को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के एक ऑडियो में राहुल गांधी यह कहते सुनाई दिए कि वह केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम नेता पिनराई विजयन को गले नहीं लगाएंगे। उनके अनुसार यह गठबंधन की आंतरिक असहमति और अवसरवादी राजनीति को उजागर करता है।

मंगल पांडेय ने कहा कि केरल में कांग्रेस और सीपीएम एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं, एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एक मंच साझा करती हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोधाभास बताते हुए कहा कि मंच पर एकता का संदेश दिया जाता है, जबकि अंदरूनी स्तर पर मतभेद और अविश्वास साफ दिखाई देता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि गठबंधन की बैठकों में अब यह तय किया जा रहा है कि कौन किससे मिलेगा और कौन नहीं।

पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि पिनराई विजयन की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि इस विवाद का राजनीतिक संदेश दूर तक गया है। उनके अनुसार इंडिया गठबंधन के पास देश के लिए कोई साझा नीति, दृष्टि या विकास का एजेंडा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन के सहयोगी दल केवल राजनीतिक लाभ और सत्ता की संभावनाओं को ध्यान में रखकर साथ आए हैं। पांडेय ने कहा कि जनता अब ऐसे अवसरवादी गठबंधनों की राजनीति को समझ चुकी है और विकास आधारित राजनीति को ही समर्थन दे रही है।