बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को गया पहुंचकर 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया। यह केंद्र पूर्वी भारत में तकनीकी प्रशिक्षण और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें करीब 86 करोड़ रुपये भवन निर्माण पर और 84 करोड़ रुपये आधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों की स्थापना पर खर्च होंगे। इस केंद्र में हर वर्ष लगभग 10 हजार विद्यार्थियों और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह केंद्र केवल गया ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित युवा तकनीकी रूप से सक्षम बनेंगे और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर गया को दो और बड़ी सौगातें देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि झारखंड के इंद्रपुरी क्षेत्र से पानी लाकर फल्गु नदी में प्रवाहित किया जाएगा ताकि नदी का सदानीरा स्वरूप बहाल किया जा सके। इसके अलावा टेक्नोलॉजी सेंटर परिसर के पास उपलब्ध करीब 60 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम भी बनाया जाएगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिहार के कोचिंग संस्थानों को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में शिक्षा और सुविधाओं को इतना बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है कि छात्रों को कोचिंग सेंटरों पर निर्भर न रहना पड़े। साथ ही सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना का भी उल्लेख किया।