रांची | 7 अगस्त 2026
झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर ने आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और संवाद स्थापित करने की अपील की है। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि वह झारखंड के छात्रों के अनुशासित आंदोलन से प्रभावित हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कई दिनों से JPSC-JSSC अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के दौरान छह छात्र भूख हड़ताल पर भी हैं। इसी बीच मैथिली ठाकुर ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए और समाधान के लिए बातचीत करनी चाहिए।
सरकार छात्रों से करे संवाद
मैथिली ठाकुर ने कहा कि छात्रों का विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और भाषणों से यह स्पष्ट है कि आंदोलन पूरी तरह अनुशासित तरीके से चलाया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार जल्द छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करेगी। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच चल रही संभावित बातचीत पर उन्होंने कहा कि जब तक आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
भाजपा विधायक ने कहा कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सरकार को कड़े नियम बनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांग रखना सभी का अधिकार है, लेकिन आंदोलन का तरीका भी महत्वपूर्ण होता है। झारखंड के छात्रों ने जिस संयम और शांति के साथ अपनी बात रखी है, वह सराहनीय है।
हाई कोर्ट ने JPSC अध्यक्ष की नियुक्ति पर जताई चिंता
इधर, झारखंड हाई कोर्ट ने JPSC अध्यक्ष का पद लंबे समय तक खाली रहने पर चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनाक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि JPSC अध्यक्ष का पद एक संवैधानिक पद है और इसे लंबे समय तक रिक्त नहीं रखा जा सकता। गौरतलब है कि 21 जुलाई को तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद से आयोग के अध्यक्ष का पद खाली है। वहीं, JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है और छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




