पटना | 6 अगस्त 2026
बिहार सरकार ने सरकारी वाहनों की खरीद को लेकर बड़ा बदलाव किया है। वित्त विभाग ने सरकारी गाड़ियों की खरीद सीमा में बढ़ोतरी करते हुए अब मंत्री और पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 37 लाख रुपये तक की गाड़ी खरीदने की अनुमति दे दी है। इससे पहले यह सीमा 30 लाख रुपये तक थी। राज्य सरकार ने यह फैसला बढ़ती वाहन कीमतों, टैक्स और आधुनिक तकनीक वाली गाड़ियों की जरूरत को देखते हुए लिया है।
किस पद के लिए कितनी बढ़ी वाहन खरीद सीमा ?
वित्त विभाग की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक सरकारी वाहन खरीद की नई सीमा इस प्रकार होगी—
पद —- पुरानी सीमा —— नई सीमा
मंत्री व हाईकोर्ट जज— 30 लाख 37 लाख रुपये
अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव 25 लाख रुपये —— 30 लाख रुपये
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/DM— 20 लाख रुपये —-- 22 लाख रुपये
SP 16 लाख रुपये — 18 लाख रुपये
अन्य पात्र अधिकारी 14 लाख रुपये —— 16 लाख रुपये
ऑन-रोड कीमत और एक्सेसरीज भी होंगी शामिल
नए आदेश के अनुसार तय सीमा में वाहन की ऑन-रोड कीमत, जरूरी एक्सेसरीज और सजावट पर होने वाला खर्च भी शामिल रहेगा। यानी अब अधिकारी और जनप्रतिनिधि निर्धारित बजट के अंदर आधुनिक सुविधाओं से लैस वाहन खरीद सकेंगे।
क्यों बढ़ाई गई गाड़ियों की खरीद सीमा ?
वित्त विभाग के अनुसार वाहन खरीद की पुरानी सीमा काफी समय पहले तय की गई थी। पिछले कुछ वर्षों में कारों की कीमत, इंश्योरेंस और टैक्स में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण पुरानी सीमा में बेहतर वाहन खरीदना मुश्किल हो रहा था। इसके अलावा सरकार इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देना चाहती है। इन वाहनों की शुरुआती कीमत अधिक होने के कारण खरीद सीमा बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।
DM और SP के लिए भी बढ़ा बजट
सरकार ने फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों जैसे जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के वाहनों की सीमा में भी बढ़ोतरी की है। सरकार का कहना है कि दूर-दराज और कठिन इलाकों में लगातार दौरे करने वाले अधिकारियों के लिए बेहतर सुरक्षा फीचर्स और सुविधाओं वाली गाड़ियां जरूरी हैं।
नई गाड़ियों से बढ़ेगी सरकारी बेड़े की क्षमता
वित्त विभाग के इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार के मंत्री, न्यायिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पहले से अधिक सुविधाजनक और आधुनिक वाहनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।




