पटना, 11 अगस्त 2026 : बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए छुट्टी लेना अब पहले से बहुत आसान होने जा रहा है। प्रदेश सरकार एक नवंबर 2026 से शिक्षकों के लिए ऑनलाइन लीव सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इसके बाद शिक्षक घर बैठे छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे और आवेदन पर 48 घंटे के भीतर फैसला लेना होगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पटना कॉलेजिएट स्कूल के 191वें स्थापना दिवस सह पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह में इस नई व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर लगातार काम कर रही है। 31 अक्टूबर तक शिक्षकों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर फोकस रहेगा, जबकि एक नवंबर से छात्रों की पढ़ाई और उनके हित को प्राथमिकता दी जाएगी।
एक नवंबर से ऑनलाइन होगी छुट्टी की प्रक्रिया
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों के शिक्षक और शिक्षिकाएं छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उन्हें आवेदन जमा करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कतई नहीं होगी। राज्य सरकार की योजना के मुताबिक, छुट्टी के आवेदन पर 48 घंटे के भीतर फैसला करना जरूरी होगा। निर्धारित समय में आवेदन पर निर्णय नहीं लेने या अनावश्यक देरी करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
शिक्षकों को घर बैठे मिलेगी आवेदन की सुविधा
ऑनलाइन लीव सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शिक्षक अपनी जरूरत के मुताबिक घर से ही छुट्टी के लिए आवेदन कर पाएंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता आने और अनावश्यक भागदौड़ कम होने की उम्मीद है। बिहार सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को प्रशासनिक कामकाज में सहूलियत देना और छुट्टी से जुड़े मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करना है।
48 घंटे में फैसला नहीं हुआ तो कार्रवाई
नई व्यवस्था में आवेदन लंबित रखने को लेकर भी जवाबदेही तय करने की बात कही गई है। अगर किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण शिक्षक के छुट्टी आवेदन पर समय पर फैसला नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस व्यवस्था से शिक्षकों को समय पर छुट्टी की स्थिति स्पष्ट होने में मदद मिलेगी और विभागीय स्तर पर जवाबदेही भी बढ़ेगी।
मॉडल स्कूलों में मुफ्त कोचिंग की भी तैयारी
शिक्षा मंत्री ने राज्य के मॉडल स्कूलों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल शुरू की गई है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना का वास्तविक असर आने वाले दो से तीन वर्षों में दिखाई देगा। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करना है।
अब छात्रों की पढ़ाई पर रहेगा फोकस
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक शिक्षकों की सुविधाओं और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। इसके बाद 1 नवंबर से सरकार का मुख्य फोकस छात्रों की पढ़ाई और उनके हितों पर रहेगा। ऑनलाइन लीव सिस्टम को इसी दिशा में एक प्रशासनिक सुधार के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे शिक्षकों की छुट्टी संबंधी प्रक्रिया सरल और समयबद्ध हो सकेगी।




