पटना, 11 अगस्त 2026 : बिहार में जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने इन प्रमाण पत्रों से जुड़े मामलों में नोटरी पब्लिक द्वारा बनाए गए शपथपत्र को मान्यता देने का निर्देश दे दिया है। इससे अंचल कार्यालयों में शपथपत्र को लेकर होने वाली अनावश्यक परेशानी और प्रमाण पत्र जारी करने में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है। बिहार सरकार की ओर से जारी निर्देश में अधिकारियों को कहा गया है कि नोटरी पब्लिक के सामने विधिवत तैयार किए गए शपथपत्र को नियमों के मुताबिक स्वीकार किया जाए। केवल इस आधार पर किसी शपथपत्र को खारिज नहीं किया जा सकता कि वह नोटरी पब्लिक के माध्यम से बनाया गया है।
जन्म-मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र पर सरकार का बड़ा निर्देश
बिहार सरकार के संयुक्त सचिव नीतीश कुमार ने इस संबंध में योजना एवं विकास विभाग, पटना के सचिव और लखीसराय के जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निर्देश के मुताबिक जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों में नोटरी पब्लिक द्वारा बनाए गए शपथपत्र को मान्यता देने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। इस फैसले का सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जिन्हें प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है।
नोटरी से बना शपथपत्र अब मान्य
राज्य सरकार ने अपने आदेश में मुख्य सचिव की ओर से पहले जारी निर्देश का भी हवाला दिया है। इसमें कहा गया है कि नोटरी पब्लिक द्वारा विधिवत बनाए और दर्ज किए गए शपथपत्र को कानून के तहत मान्यता प्राप्त है। ऐसे में सरकारी कार्यालय केवल नोटरी के सामने तैयार किए जाने के आधार पर शपथपत्र को अस्वीकार नहीं कर सकते। अधिकारियों को नियमों के अनुसार ऐसे दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए कहा गया है।
शपथपत्र को लेकर परेशानी हुई तो होगी कार्रवाई
अगर किसी अंचल कार्यालय या संबंधित स्तर पर नोटरी पब्लिक के शपथपत्र को स्वीकार करने में अनावश्यक अड़चन पैदा की जाती है, तो उसे दूर करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को एक ही प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। इससे प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
आरा के अधिवक्ता के आवेदन के बाद हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत आरा के अधिवक्ता प्रमोद कुमार राय के आवेदन से हुई। उन्होंने नोटरी पब्लिक द्वारा तैयार किए गए शपथपत्र को मान्यता देने को लेकर राष्ट्रपति सचिवालय, नई दिल्ली में आवेदन दिया था। इसके बाद मामले को राज्य सरकार के स्तर पर देखा गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
आम लोगों को क्या होगा फायदा ?
प्रदेश सरकार के इस निर्देश से जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र बनवाने वाले लोगों को कई स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।
नोटरी पब्लिक के शपथपत्र को लेकर अनावश्यक आपत्ति कम होगी।
प्रमाण पत्र बनाने में होने वाली देरी कम हो सकती है।
लोगों को बार-बार अंचल कार्यालय जाने की जरूरत कम पड़ेगी।
सरकारी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
नियमों के तहत सही शपथपत्र को स्वीकार करना अधिकारियों के लिए जरूरी होगा।
बिहार सरकार के इस निर्देश के बाद अब संबंधित अंचल कार्यालयों में इसके प्रभावी पालन पर नजर रहेगी। अगर निर्देश सही तरीके से लागू होता है, तो जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र बनवाने वाले हजारों लोगों को प्रक्रिया में राहत मिल सकती है।




