पटना, 8 अगस्त 2026: बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। इसके लागू होने के बाद शिक्षकों को छुट्टी मंजूर कराने के लिए जिला शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। शिक्षक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे और संबंधित अधिकारी को 24 घंटे के भीतर आवेदन का निपटारा करना होगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की योजना के मुताबिक, सभी जिलों में शिक्षकों की छुट्टी के लिए अलग-अलग पोर्टल तैयार किए जाएंगे। आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
छुट्टी के लिए अब नहीं लगाने होंगे दफ्तर के चक्कर
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षक अपने नियंत्री अधिकारी के स्तर के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल पर छुट्टी का आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करते समय शिक्षक को मोबाइल नंबर भी दर्ज करना होगा।आवेदन जमा होते ही इसकी सूचना संबंधित शिक्षक के मोबाइल पर भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारी आवेदन की जांच कर उस पर निर्णय लेंगे।
24 घंटे के भीतर करना होगा आवेदन का निपटारा
शिक्षा विभाग की प्रस्तावित व्यवस्था में छुट्टी के आवेदन के निपटारे के लिए 24 घंटे की समय सीमा तय की गई है। संबंधित अधिकारी को आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर उसे स्वीकृत या अस्वीकृत करना होगा। आवेदन पर फैसला होने के बाद इसकी जानकारी भी शिक्षक के मोबाइल पर भेजी जाएगी। इससे शिक्षकों को छुट्टी की स्थिति जानने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पोर्टल पर दिखेगा छुट्टियों का पूरा रिकॉर्ड
ऑनलाइन पोर्टल पर प्रत्येक शिक्षक के अवकाश का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इसमें मेडिकल लीव, कैजुअल लीव (CL) और अन्य प्रकार की छुट्टियों का विवरण दर्ज होगा। शिक्षक यह भी देख सकेंगे कि उनके खाते में किस प्रकार की कितनी छुट्टी बची हुई है। छुट्टी के लिए आवेदन करते समय संबंधित शिक्षक को यह बताना होगा कि वह किस प्रकार का अवकाश लेना चाहता है। आवेदन पर फैसला उपलब्ध अवकाश के आधार पर किया जाएगा और इसकी जानकारी भी शिक्षक को ऑनलाइन मिल जाएगी।
DEO और DSE करेंगे पोर्टल की निगरानी
प्रस्तावित ऑनलाइन व्यवस्था की निगरानी संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) करेंगे। शिक्षक अपने नियंत्री अधिकारी के स्तर के अनुसार पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। इस व्यवस्था से छुट्टी की प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। शिक्षा विभाग के पास यह जानकारी उपलब्ध रहेगी कि किस शिक्षक ने कब छुट्टी के लिए आवेदन किया और उस पर कब निर्णय लिया गया।
छुट्टी मंजूरी में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर लगेगी रोक
शिक्षा विभाग के अनुसार, छुट्टी मंजूर कराने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है। शिक्षकों को छुट्टी के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने या किसी व्यक्ति के संपर्क में आने की जरूरत नहीं होगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि पोर्टल तैयार करने में होने वाले खर्च का वहन शिक्षा विभाग करेगा। व्यवस्था के लागू होने के बाद छुट्टी से जुड़ी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होने की उम्मीद है।
बिहार के शिक्षकों के लिए डिजिटल व्यवस्था की ओर बड़ा कदम
ऑनलाइन लीव सिस्टम लागू होने के बाद बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए छुट्टी की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी। आवेदन, अवकाश की उपलब्धता, अधिकारी का निर्णय और स्वीकृति की सूचना जैसी पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित करने की तैयारी है। इससे एक तरफ शिक्षकों को सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग के पास छुट्टी से जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।




