पटना/नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026 : बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र के साथ समन्वय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसी सिलसिले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात में राज्य में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं, ट्रॉमा सेंटरों के विस्तार और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रहे। बैठक में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे।

जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद क्या बोले निशांत कुमार ?

मुलाकात के बाद निशांत कुमार ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे कामों से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। निशांत कुमार ने यह भी कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ एनडीए को भी और मजबूत किया जाएगा। उनके मुताबिक बिहार की जनता का एनडीए को समर्थन हासिल है।

सभी 36 जिला अस्पतालों को मजबूत करने की तैयारी

राज्य सरकार जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। निशांत कुमार के अनुसार, बिहार के सभी 36 जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर की सुविधाओं से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को इलाज के लिए बार-बार बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत को कम करना है। यदि जिला स्तर पर ही बेहतर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी, तो मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

ट्रॉमा सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं पर फोकस

जेपी नड्डा के साथ बैठक में ट्रॉमा सेंटरों के विस्तार और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। बिहार सरकार पहले से ही जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और गंभीर मरीजों के लिए बेहतर इलाज की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है। हाल के दिनों में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के तौर पर विकसित करने की दिशा में भी चर्चा हुई है।

मरीजों के अनावश्यक रेफरल पर भी सख्ती

स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बिना जरूरत बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने की व्यवस्था पर भी नजर रख रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों में लंबित सर्जरी के मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को IGIMS, AIIMS पटना और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है।

डॉक्टरों और कर्मचारियों की जवाबदेही पर जोर

बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के साथ डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री के औचक निरीक्षणों के दौरान अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और इलाज से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई है। सरकार का फोकस अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, मरीजों को समय पर इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर है।

दिल्ली की बैठक से बिहार को क्या उम्मीद ?

निशांत कुमार और जेपी नड्डा की मुलाकात को बिहार के स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के लिहाज से अहम माना जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और जिला अस्पतालों को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण होगा। आने वाले समय में केंद्र से सहयोग और राज्य सरकार की योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय से बिहार में गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने की दिशा में तेजी आने की उम्मीद है।