भागलपुर, 8 अगस्त 2026 : बिहार के भागलपुर और आसपास के इलाकों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे ने जिले से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल करीब ₹4600 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इनमें भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेलखंड का दोहरीकरण, गोनूधाम बाइपास रेल लाइन और भागलपुर-जमालपुर के बीच तीसरी रेल लाइन शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। इससे बिहार के साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क भी बेहतर होगा।

भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेलखंड होगा डबल

रेलवे ने भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। 177 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹3169 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। डबल लाइन बनने के बाद इस रूट पर यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन में सहूलियत होगी। रेलवे के मुताबिक, कोयला, सीमेंट, उर्वरक, ईंट और पत्थर जैसी वस्तुओं की ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी। इस परियोजना से 441 गांवों और 28.72 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। बांका, गोड्डा और दुमका समेत कई इलाकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है। बाबा बैद्यनाथ धाम और तारापीठ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से श्रद्धालुओं को फायदा मिल सकता है।

गोनूधाम के लिए बनेगी 13.38 KM बाइपास रेल लाइन

भागलपुर को गोनूधाम रेल परियोजना की भी सौगात मिली है। करीब ₹303.02 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रोजेक्ट के तहत सबौर से गोनूधाम तक 13.38 किलोमीटर लंबी बाइपास रेल लाइन बनाई जाएगी। रेलवे का लक्ष्य इसी साल निर्माण कार्य शुरू कर इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का है। नई बाइपास लाइन बनने के बाद भागलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन को अलग-अलग दिशा में बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।

भागलपुर-जमालपुर के बीच बनेगी तीसरी रेल लाइन

भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए तीसरी रेल लाइन बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है। करीब 53 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए ₹1156 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जारी है। इस रूट पर रोजाना बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का परिचालन होता है, जिससे यात्री ट्रेनों पर दबाव रहता है। तीसरी लाइन बनने के बाद माल और यात्री ट्रेनों के परिचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इससे सुपरफास्ट, एक्सप्रेस ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।

बिहार-झारखंड के बीच रेल नेटवर्क होगा मजबूत

इन तीनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। नई लाइन, बाइपास और तीसरी रेल लाइन से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही माल ढुलाई, धार्मिक पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की संभावना है। भागलपुर के अलावा बांका, गोड्डा व दुमका जैसे क्षेत्रों को इन परियोजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।