पटना | 6 अगस्त 2026

बिहार की राजधानी पटना में सात दिनों से जारी नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गई। नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना नगर निगम और सफाईकर्मी संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता के बाद कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। इस समझौते के बाद नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर हड़ताल समाप्त होने की घोषणा की। अब शहर की सफाई व्यवस्था जल्द सामान्य होने की उम्मीद है, जो पिछले एक सप्ताह से हड़ताल के कारण प्रभावित थी।

अब सीधे बैंक खाते में जाएगा वेतन, पहली बार मिलेगा बोनस

समझौते के तहत आउटसोर्सिंग और ठेका एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सफाईकर्मियों का वेतन अब सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके अलावा उन्हें पहली बार बोनस का लाभ भी मिलेगा। ठेका एजेंसियों को केवल निर्धारित सेवा शुल्क (कमीशन) ही दिया जाएगा। इसके साथ ही काम के दौरान वाहन खराब होने की स्थिति में चालकों के वेतन से कटौती करने की व्यवस्था भी अब तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

दैनिक कर्मियों को मिलेंगे सेवा लाभ

इस बैठक में दैनिक और संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने पर भी सहमति बनी है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार भविष्य में उन्हें अवकाश, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य सेवा लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी। इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।

3816 कर्मियों के स्थायीकरण का प्रस्ताव

पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने निगम में कार्यरत 3816 दैनिक सफाईकर्मियों के स्थायीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी देकर विभाग को भेजने की अनुशंसा की है। प्रस्ताव के अनुसार स्थायीकरण लागू होने पर प्रत्येक कर्मचारी का मासिक वेतन लगभग 35,800 रुपये होगा। इससे नगर निगम पर हर महीने लगभग 7.61 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, जबकि वार्षिक अतिरिक्त खर्च करीब 163.94 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

ACP और MSACP लाभ पर भी बनी सहमति

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि कई मांगों पर सहमति बन गई है, जबकि कुछ मुद्दों पर विचार के लिए समिति गठित की जाएगी। इसके अलावा ACP/MSACP योजना के लाभ पर लगी रोक हटाने के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार किया जाएगा। रोक हटते ही पात्र कर्मचारियों को योजना का लाभ देने की प्रक्रिया शुरू होगी।

हड़ताल से प्रभावित हुई थी शहर की सफाई

पिछले सात दिनों से जारी हड़ताल के कारण पटना के कई इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हो गए थे। सड़कों और गलियों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी, जिससे लोगों को बदबू और संभावित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारी संगठनों के साथ कई दौर की बातचीत की, जिसके बाद समझौता संभव हो सका।

सफाई व्यवस्था जल्द होगी सामान्य

नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि सफाईकर्मियों के काम पर लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था जल्द पटरी पर लौट आएगी। नगर निगम ने सभी कर्मियों से तुरंत कार्यभार संभालने की अपील की है ताकि शहर में जमा कचरे का जल्द निस्तारण किया जा सके।