पटना, 11 अगस्त 2026 : बिहार में सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। राज्य के पटना, मुजफ्फरपुर और गयाजी में चरणबद्ध तरीके से डीजल सिटी बसों को हटाकर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की एक योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य शहरों में वायु प्रदूषण कम करना और यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। परिवहन विभाग के अनुसार 25 अगस्त से इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की शुरुआत की जाएगी। इसी दिन 75 पीएम इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए जाने की भी तैयारी है।
पटना, मुजफ्फरपुर और गयाजी से होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत तीन शहरों से की जा रही है। पटना, मुजफ्फरपुर और गयाजी में चल रही डीजल सिटी बसों को धीरे-धीरे हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन में डीजल पर निर्भरता कम करना है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को ज्यादा बढ़ावा देने की योजना है।
25 अगस्त को 75 इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगी हरी झंडी
परिवहन विभाग के मुताबिक, 25 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 75 पीएम इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखा सकते हैं। इनमें पटना के लिए 50 और मुजफ्फरपुर व गयाजी के लिए 25 बसें शामिल हैं।योजना के मुताबिक दिसंबर 2026 तक तीनों शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद मार्च 2027 तक इन शहरों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है।
पटना में पहुंच चुकी हैं 25 इलेक्ट्रिक बसें
पटना में 25 पीएम इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। फिलहाल इन्हें बस बेड़े में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। 25 अगस्त के बाद इन्हें निर्धारित रूट पर उतारने की तैयारी है। आगे चलकर पटना में कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। इससे शहर की सिटी बस सेवा में डीजल बसों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
दूसरे शहरों में भी बढ़ेगा इलेक्ट्रिक बसों का दायरा
इलेक्ट्रिक बसों की योजना केवल पटना, मुजफ्फरपुर और गयाजी तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार राज्य के अन्य शहरों में भी इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मार्च 2027 तक बिहार के छह जिलों के लिए केंद्र से 400 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की उम्मीद है। इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से शुरुआती तैयारियां तेज की जा रही हैं।
प्रदूषण कम करना है प्रमुख लक्ष्य
पटना, मुजफ्फरपुर और गयाजी में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। ऐसे में डीजल बसों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बसों की ओर ले जाने की योजना बनाई गई है। प्रदेश सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से शहरों में प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है। इस योजना के लागू होने के बाद बिहार के प्रमुख शहरों में सिटी बस सेवा का स्वरूप बदलने की उम्मीद है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की संख्या बढ़ाकर डीजल बसों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया जाएगा।




