काडमांडू, 28 अगस्त 2026 : नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल और तिब्बत में अब तक 472 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। काठमांडू समेत प्रभावित इलाकों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। नेपाली सेना ने भी कई संवेदनशील इलाकों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है।

नेपाल सरकार ने विदेशी रेस्क्यू टीमों की मदद ठुकराई

इस बीच नेपाल सरकार ने भारत, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से भेजी जाने वाली विदेशी रेस्क्यू टीमों की पेशकश स्वीकार नहीं की है। नेपाल सरकार का कहना है कि देश की सेना और पुलिस राहत-बचाव अभियान को संभालने में सक्षम हैं। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, 2015 के भूकंप के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी रेस्क्यू टीमों के पहुंचने से राहत अभियान के तालमेल में मुश्किलें आई थीं। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार नेपाल ने विदेशी बचाव दलों की जगह आर्थिक मदद लेने का फैसला किया है।

नेपाल में 469 मौतें, 977 लोग अब भी लापता

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल में अब तक 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 977 लोग लापता हैं। लापता लोगों में विदेशी नागरिकों के अलावा नेपाली सेना और नेपाल पुलिस के जवान भी शामिल हैं। वहीं, तिब्बत में बाढ़ से 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 558 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

तिब्बत में 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया

चीन के अधिकारियों के अनुसार, तिब्बत-नेपाल सीमा के पास ग्यिरोंग काउंटी से 1000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें 555 पर्यटक भी शामिल हैं। चीनी अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाके से स्थानीय लोगों, निर्माण श्रमिकों और पर्यटकों को निकालने का अभियान जारी रहा। अब इलाके में कोई पर्यटक फंसा नहीं होने की जानकारी दी गई है।

बैरियर झील टूटने का खतरा, चीन ने जारी किया लेवल-4 अलर्ट

तिब्बत-नेपाल सीमा पर बाढ़ के बाद एक नई बैरियर झील बनने की जानकारी सामने आई है। चीन ने इसके संभावित खतरे को देखते हुए लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। आशंका है कि अगर यह झील टूटती है तो निचले इलाकों में दोबारा अचानक बाढ़ आ सकती है। चीनी अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों और राहत-बचाव दलों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन

बाढ़ के बाद रसुवा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना ने अभियान तेज कर दिया है। मुश्किल पहाड़ी इलाकों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सेना ने अब तक दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि सुरंग में अभी कितने लोग फंसे हुए हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इस बीच सेना की टीमें इलाके में लगातार तलाशी और बचाव अभियान चला रही हैं।

नेपाल में राहत-बचाव अभियान जारी

नेपाल-तिब्बत सीमा पर हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। संभावित दोबारा बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाली सेना ने सुरक्षा कर्मियों, राहतकर्मियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। लापता भारतीय नागरिकों की तलाश भी लगातार जारी है। आने वाले घंटों में राहत और बचाव अभियान से जुड़े आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।