पटना | 9 जुलाई 2026
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने गुरुवार को राजधानी पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का अचानक औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के मंत्री के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी तुरंत व्यवस्थाओं का जायजा लेने में जुट गए, जबकि अस्पताल के विभिन्न विभागों में गतिविधियां तेज हो गईं।
इमरजेंसी, ओपीडी और वार्डों का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की इमरजेंसी सेवा, ओपीडी, भर्ती वार्ड, दवा वितरण केंद्र, साफ-सफाई व्यवस्था और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों में जाकर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया और संबंधित अधिकारियों से अस्पताल की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
मरीजों और परिजनों से की सीधी बातचीत
स्वास्थ्य मंत्री ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने इलाज, दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की मौजूदगी और अस्पताल की अन्य सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। कई मरीजों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिन पर मंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
लापरवाही पर सख्त चेतावनी
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों के इलाज, दवा उपलब्धता और अस्पताल की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाया जाए, ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
व्यवस्थाओं में सुधार पर रहेगा सरकार का फोकस
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। सरकार का उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज, स्वच्छ वातावरण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि स्वास्थ्य मंत्री के इस निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार देखने को मिलता है।




