युवाओं में तेजी से बढ़ रहा Fatty Liver, क्या आपकी रोजमर्रा की आदतें बना रही हैं आपको बीमार?

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Fatty Liver अब सिर्फ शराब पीने वालों की बीमारी नहीं रह गई है। खराब खानपान, जंक फूड, मीठे पेय और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण बड़ी संख्या में युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

कुछ साल पहले तक Fatty Liver को बढ़ती उम्र या अत्यधिक शराब सेवन से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन अब डॉक्टरों का कहना है कि 20 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। चिंता की बात यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, जिससे कई लोगों को बीमारी का पता काफी देर से चलता है।

विश्व स्तर पर किए गए अध्ययनों के अनुसार, दुनिया की लगभग 30% आबादी किसी न किसी रूप में Fatty Liver से प्रभावित है। भारत में भी स्थिति चिंताजनक है। विभिन्न मेडिकल रिसर्च में पाया गया है कि शहरी क्षेत्रों में Fatty Liver की दर 25% से 38% तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है।

डॉक्टरों के अनुसार, Fatty Liver तब होता है जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है। इसका प्रमुख कारण जंक फूड, अधिक चीनी, कोल्ड ड्रिंक, प्रोसेस्ड फूड, मोटापा, डायबिटीज और शारीरिक गतिविधियों की कमी है। आज के युवाओं में लंबे समय तक बैठकर काम करना, देर रात तक जागना और अनियमित खानपान भी जोखिम बढ़ा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि Fatty Liver के शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता। हालांकि कुछ लोगों में थकान, पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह बीमारी लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कुछ मामलों में लिवर कैंसर तक का कारण बन सकती है।

विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वजन में 7% से 10% की कमी, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाकर Fatty Liver के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट शारीरिक गतिविधि करने की भी सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि Fatty Liver को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि शुरुआती अवस्था में जीवनशैली में सुधार कर इसे काफी हद तक नियंत्रित और कई मामलों में ठीक भी किया जा सकता है। इसलिए युवाओं के लिए समय रहते अपनी खानपान और जीवनशैली की आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।