पलामू | 13 जुलाई 2026

झारखंड के पलामू जिले से विकास की तस्वीर पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक भावुक कहानी सामने आई है। जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित रांकी और हमीनपुर गांव के बच्चे आज भी बदहाल सड़क, टूटी पुलिया और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। वर्षों से सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों का गुस्सा अब प्रशासन के खिलाफ खुलकर सामने आने लगा है। बच्चों ने पलामू के उपायुक्त (डीसी) से भावुक अपील करते हुए कहा, "सर... अगर हमारा दर्द समझना है तो एक दिन हमारी जगह आकर रहिए।"

25 साल से सड़क नहीं, हर बारिश में कट जाता है गांव

ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब 25 वर्षों से सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश शुरू होते ही पूरा रास्ता कीचड़ में बदल जाता है और रानीताल डैम से निकली नहर का तेज बहाव गांव का संपर्क मुख्य सड़क से पूरी तरह काट देता है। पुलिया नहीं होने के कारण लोगों की आवाजाही खतरे से खाली नहीं रहती और कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो जाते हैं।

स्कूल जाने के लिए हाथ में जूते लेकर चलते हैं बच्चे

गांव के छात्र-छात्राओं का कहना है कि रोज स्कूल जाने के लिए उन्हें नंगे पैर कीचड़ में चलना पड़ता है और जूते हाथ में लेकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्कूल यूनिफॉर्म रोज गंदी हो जाती है, जिसके कारण घर लौटने पर डांट भी सुननी पड़ती है। बच्चों का कहना है कि वे पढ़-लिखकर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन बदहाल सड़क उनके सपनों के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन गई है।

बीमार पड़ने पर एंबुलेंस भी नहीं पहुंचती

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण गांव में एंबुलेंस तक आने से कतराती है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया जा सका, जिससे उनकी जान चली गई। महिलाओं और ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी नाराजगी है।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से केवल आश्वासन मिले हैं, लेकिन सड़क और पुलिया का निर्माण आज तक नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क जाम और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।