सिमडेगा | 27 जुलाई 2026
झारखंड के सिमडेगा जिले से शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की कमी की एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। बानो प्रखंड की गेनमेर पंचायत स्थित टोंगरी टोली के स्कूली बच्चों को पढ़ाई के लिए हर दिन अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। गांव के बीच बहने वाली नदी पर पुलिया नहीं होने के कारण बरसात के मौसम में बच्चों को तेज बहाव के बीच नदी पार कर स्कूल जाना पड़ता है।
बस्ता कंधे पर, पैरों तले उफनती नदी
कक्षा एक से लेकर उच्च कक्षाओं तक के छात्र-छात्राएं रोज सुबह कंधे पर बस्ता और हाथों में किताबें लेकर नदी पार करते हैं। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। कई बार पानी बच्चों की कमर तक पहुंच जाता है, फिर भी शिक्षा की चाह उन्हें स्कूल जाने से नहीं रोक पाती।
हर दिन बना रहता है हादसे का डर
ग्रामीणों का कहना है कि हर सुबह बच्चों को स्कूल भेजते समय परिवार के लोग डर और चिंता में रहते हैं। तेज बहाव के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई छोटे बच्चे बड़े छात्रों या ग्रामीणों की मदद से नदी पार करते हैं। इसके बावजूद अब तक सुरक्षा की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।
वर्षों से सिर्फ आश्वासन, पुलिया अब भी अधूरी
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पुलिया निर्माण की मांग कई वर्षों से की जा रही है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार आवेदन भी सौंपे गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। आज भी पुलिया निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे हर बरसात में गांव के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अविलंब पुलिया निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि एक छोटी पुलिया न केवल बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे गांव के लोगों को भी राहत मिलेगी। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा ही प्राथमिकता नहीं बन सकती, तो विकास के दावे आखिर किसके लिए हैं?




