रांची | 04 अगस्त 2026

14वीं JPSC पीटी परीक्षा में कथित धांधली को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रांची लौटते ही सरकार ने छात्रों से संवाद कर समाधान निकालने की पहल शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छात्रों की मांगों को सुनने और आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की तैयारी में है। इस कमेटी में मंत्रियों के साथ-साथ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।

छात्रों से बातचीत करेगी हाई लेवल कमेटी

JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि छात्रों के साथ सीधी बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा जाए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कमेटी में : दो मंत्री , कैबिनेट सचिवालय सह गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव, तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

मंगलवार या बुधवार को हो सकती है वार्ता

सरकार चाहती है कि आंदोलन लंबे समय तक जारी रहने से पहले छात्रों को भरोसे में लिया जाए। सूत्रों की मानें तो कमेटी जल्द ही छात्रों से बातचीत शुरू कर सकती है। मंगलवार या बुधवार को छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता होने की संभावना जताई जा रही है।

JPSC पीटी परीक्षा को लेकर छात्रों में नाराजगी

14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं होने से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

JSSC CGL पेपर लीक जांच पर भी उठे सवाल

इधर, JSSC CGL परीक्षा-2023 पेपर लीक मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने सीआईडी जांच पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने नहीं लाया गया। उन्होंने अभ्यर्थियों के नाम जारी संदेश में सरकार, जेएसएससी और सीआईडी की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

छात्र आंदोलन के बीच सरकार की बढ़ी चुनौती

JPSC-JSSC विवाद को लेकर राज्य में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। अब सरकार की नजर छात्रों के साथ होने वाली बातचीत पर है। अगर वार्ता सफल होती है तो आंदोलन खत्म होने की संभावना बन सकती है, लेकिन छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है।