रांची | 04 अगस्त 2026

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह चेहरा है देवेंद्र नाथ महतो का, जो पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे हैं। छात्र उन्हें 'झारखंड का सोनम वांगचुक' कह रहे हैं। वजह है उनका लंबे समय तक चलने वाला आंदोलन और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया जा रहा अनशन। देवेंद्र नाथ महतो का कहना है कि जब तक JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में सुधार नहीं होता और छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

JPSC रिजल्ट के बाद शुरू किया आंदोलन

देवेंद्र नाथ महतो के मुताबिक पांच जुलाई को JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद उन्होंने आंदोलन शुरू किया। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हुई हैं और इसके संबंध में कई तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्हें आमरण अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा।

कौन हैं देवेंद्र नाथ महतो ?

रांची जिले के राहे प्रखंड के कापीडीह गांव से आने वाले देवेंद्र नाथ महतो का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद मैट्रिक, इंटर, ग्रेजुएशन, बीएड और दो विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। संस्कृत और क्षेत्रीय भाषा में उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद उन्होंने नौकरी की जगह छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को अपना रास्ता बनाया।

मां को खोया, लेकिन आंदोलन नहीं छोड़ा

देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई वर्षों से JPSC-JSSC परीक्षा, पेपर लीक, छात्रवृत्ति, नियोजन नीति और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। छठी JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन के दौरान उन्होंने अपनी मां को भी खो दिया था। और अपना संघर्ष जारी रखा। बावजूद इसके उन्होंने छात्र हितों की लड़ाई जारी रखी।

छात्र आंदोलन से चुनावी मैदान तक का सफर

देवेंद्र नाथ महतो सिर्फ आंदोलन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के टिकट पर रांची सीट से लड़ा था। इस लोकसभा चुनाव में उन्हें 1.32 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। इसके बाद उन्होंने सिल्ली विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा। मगर सफलता नहीं मिली।

11 मुकदमे हैं दर्ज

छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण देवेंद्र नाथ महतो पर 11 मुकदमे दर्ज हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि ये सभी मामले छात्र हितों की लड़ाई के दौरान दर्ज हुए हैं। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो खुद इसे युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष का हिस्सा बताते हैं।

JPSC-JSSC आंदोलन का बड़ा चेहरा बने देवेंद्र महतो

रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो अब हजारों युवाओं की आवाज बन चुके हैं। उनका आमरण अनशन झारखंड की भर्ती व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की नीतियों पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन छात्रों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाते हैं और यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है।