रांची | 20 जुलाई 2026
झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी उपायुक्तों (डीसी) को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक केवल जानकारी के अभाव में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, संशोधन कराने या अन्य आवश्यक प्रक्रिया से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रशासन को मिशन मोड में काम करने और अभियान की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और निर्धारित समय-सीमा को लेकर लोगों के बीच किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। इसके लिए पूरे राज्य में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का उपयोग करने का अवसर मिलना चाहिए।
बीएलओ को मिलेगा नियमित प्रशिक्षण
हेमंत सोरेन ने मतदाता सूची पुनरीक्षण में लगे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नियमित प्रशिक्षण और संवेदनशील व्यवहार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीएलओ को सभी नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि मतदाता पंजीकरण और संशोधन का कार्य बिना किसी परेशानी के पूरा हो सके।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, आदिवासी समुदायों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक टीमें उनके घर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। साथ ही राज्य से बाहर रहने वाले झारखंड के प्रवासी नागरिकों तक भी SIR अभियान की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
पारदर्शिता और संवेदनशीलता से चले अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और सभी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का समान अवसर मिले।




