रांची | 15 जुलाई 2026

रांची में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं का इंतजार आज समाप्त हो जाएगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा से आषाढ़ अमावस्या तक एकांतवास में रहने के बाद भगवान बुधवार को भक्तों को दर्शन देंगे। इसी के साथ नेत्रदान महोत्सव की शुरुआत होगी, जो रथ यात्रा उत्सव का प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। मंदिर प्रशासन के अनुसार शाम 4 बजे से कार्यक्रम शुरू होगा, जबकि श्रद्धालु दोपहर 3 बजे से ही मंदिर परिसर में पहुंचकर भजन-कीर्तन और ध्यान में शामिल होंगे।

विशेष श्रृंगार के बाद खुलेंगे भगवान के पट

नियमित पूजा-अर्चना के बाद भगवान के विग्रहों को दर्शन मंडप में लाया जाएगा, जहां उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा। नए स्वरूप में सजाने के बाद शाम करीब 5 बजे जयघोष के बीच भगवान के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 108 दीपों से मंगल आरती, विशेष भोग, विष्णु अष्टकम और गीता के द्वादश अध्याय का पाठ होगा। श्रद्धालु रात 9 बजे तक दर्शन और पूजा कर सकेंगे।

16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथ यात्रा

रथ यात्रा के दिन गुरुवार सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। दोपहर 2 बजे तक दर्शन के बाद भगवान के विग्रहों को रथ पर विराजमान किया जाएगा। शाम करीब 5 बजे श्रद्धालुओं द्वारा रस्सी खींचकर रथ यात्रा की शुरुआत होगी और भगवान को मौसीबाड़ी ले जाया जाएगा। शाम 6 बजे तक रथ वहां पहुंचेगा, जहां विशेष पूजा और आरती का आयोजन होगा।

रथ मेले में जुटने लगी भीड़

रथ यात्रा से पहले ही मेले का रंग जमने लगा है। परिसर में खिलौने, स्टील और लोहे के बर्तन, पूजा सामग्री, पारंपरिक मिठाइयां, घरेलू सामान, मीना बाजार और झूले लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। बच्चों के लिए मनोरंजन के कई साधन लगाए गए हैं, जबकि खाने-पीने के स्टॉल भी तैयार हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि रथ यात्रा के दिन हजारों श्रद्धालु मेले और धार्मिक आयोजनों में शामिल होंगे।