रांची | 17 जुलाई 2026

झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में लाभुकों के सत्यापन के बाद बड़े पैमाने पर कार्रवाई सामने आई है। जांच के दौरान 1.18 लाख लाभुक अयोग्य पाए गए, जिन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिनके राशन कार्ड पहले ही रद्द किए जा चुके थे। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा।

49 लाख महिलाओं के खाते में पहुंचे 7,500 रुपये

राज्य सरकार ने योजना के तहत पात्र करीब 49 लाख महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ तीन महीने की 7,500 रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर कर दी है। इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का दावा है कि पात्र लाभुकों को समय पर राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

सत्यापन में 50 हजार लाभुक नहीं मिले

सत्यापन अभियान के दौरान करीब 50 हजार लाभुक अपने आवेदन में दर्ज पते पर नहीं मिले। इनमें बड़ी संख्या उन महिलाओं की है, जो शादी के बाद दूसरे स्थान पर रहने लगी हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में किराये का मकान बदलने वाले कई लाभुकों का भी सत्यापन नहीं हो सका। जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों को फिलहाल 'अज्ञात लाभुक' की श्रेणी में रखा है।

50 वर्ष की उम्र पूरी होते ही योजना से बाहर

योजना के नियमों के अनुसार 50 वर्ष की आयु पूरी करने वाली महिलाएं स्वतः योजना से बाहर हो जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार सत्यापन अभियान और आयु सीमा पूरी होने के कारण अब तक करीब दो लाख लाभुक योजना से बाहर हो चुके हैं। मार्च तक योजना के तहत लगभग 51 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा था।

अब नए आवेदनों की होगी जांच

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब योजना में शामिल होने के लिए प्राप्त नए आवेदनों का सत्यापन शुरू किया जाएगा। पात्रता की पुष्टि के बाद ही नए लाभुकों के नाम जोड़े जाएंगे। इस बीच राशन कार्ड सत्यापन अभियान के तहत राज्य में अब तक करीब 3.19 लाख राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। इनमें दो लाख से अधिक कार्ड आधार सत्यापन में संदिग्ध पाए गए, जबकि लगभग 63 हजार कार्डधारकों के नाम आय सीमा से अधिक होने के कारण हटाए गए। सरकार का कहना है कि भविष्य में भी अपात्र लाभुकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।