रांची | 8 जुलाई 2026

झारखंड की ग्रामीण महिलाओं ने आत्मनिर्भरता और कृषि आधारित आजीविका का नया अध्याय लिखते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के माध्यम से देवघर और गुमला जिले में उत्पादित दो टन आम्रपाली आम की पहली खेप सफलतापूर्वक दुबई भेजी गई है। यह आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लूलू मॉल में बिक्री के लिए उपलब्ध है, जहां इसकी गुणवत्ता और मिठास ग्राहकों को आकर्षित कर रही है। यह उपलब्धि राज्य की महिला किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

बिरसा हरित ग्राम योजना से मिली नई पहचान

यह आम बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विकसित बागानों में तैयार किया गया है। इस अभियान से जुड़ी मोहनपुर आजीविका महिला किसान प्रोड्यूसर सोसाइटी (देवघर) तथा गुमला रायडीह एग्री प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और एमवीएम बघिमा पालकोट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने इस निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ने के साथ-साथ झारखंड के कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

लंदन और इटली के बाद अब दुबई तक पहुंचा आम

इससे पहले भी झारखंड के आम्रपाली आम की खेप लंदन और इटली जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच चुकी है। स्थानीय बाजार में सफलता मिलने के बाद JSLPS ने 'पलाश' ब्रांड के तहत राज्यभर में विशेष आम बिक्री केंद्र स्थापित किए और गुणवत्ता आधारित विपणन मॉडल विकसित किया। अब इसी रणनीति के तहत दुबई जैसे बड़े वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

महिला किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार JSLPS लगातार स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों को मूल्य संवर्धन, आधुनिक प्रसंस्करण और वैश्विक मार्केटिंग से जोड़ने का काम कर रहा है। इससे महिला किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड की मेहनतकश दीदियों ने अपनी लगन और गुणवत्ता के दम पर राज्य के आम्रपाली आम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का मजबूत माध्यम बन चुकी है तथा भविष्य में राज्य के अन्य कृषि उत्पादों को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे।