रांची | 08 जुलाई 2026
झारखंड की राजधानी रांची से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शहर के थड़पकना स्थित राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय में आधुनिक सुविधाएं, तीन प्रशिक्षित शिक्षक और मध्याह्न भोजन की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन यहां नियमित रूप से पढ़ाई करने पहुंचती है केवल एक छात्रा।
स्कूल में नामांकन दो का, नियमित उपस्थिति सिर्फ एक की
जानकारी के अनुसार विद्यालय में कुल दो बच्चों का नामांकन दर्ज है। हालांकि इनमें से केवल एक छात्रा ही प्रतिदिन स्कूल पहुंचती है, जबकि दूसरा छात्र स्वास्थ्य और अन्य कारणों से अक्सर अनुपस्थित रहता है। इसके बावजूद विद्यालय का संचालन पूरी तरह नियमित रूप से किया जा रहा है और तीनों शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए रोज समय पर विद्यालय पहुंचते हैं।
सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध
विद्यालय में छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन, नि:शुल्क किताबें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दो बच्चों के लिए भी प्रतिदिन मिड-डे मील तैयार किया जाता है। स्कूल भवन में पर्याप्त बेंच-डेस्क, ब्लैकबोर्ड और पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद हैं। भोजन तैयार करने के लिए नियुक्त रसोइया भी प्रतिदिन अपनी ड्यूटी निभाती हैं।
डॉक्टर बनने का सपना देख रही है छात्रा
रोजाना स्कूल आने वाली छात्रा का सपना भविष्य में डॉक्टर बनने का है। वह नियमित रूप से पहली बेंच पर बैठकर पढ़ाई करती है। हालांकि उसके मन में एक कमी हमेशा बनी रहती है। उसे अपने साथ पढ़ने वाले अन्य सहपाठियों की तलाश है, ताकि वह प्रतिस्पर्धा के माहौल में पढ़ाई कर सके और बेहतर प्रदर्शन कर सके।
शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
यह विद्यालय सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक अलग तस्वीर पेश करता है। एक ओर निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची रहती है, वहीं दूसरी ओर सभी सुविधाओं से लैस इस सरकारी विद्यालय में छात्रों की संख्या बेहद कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी स्कूलों में नामांकन और नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों का विश्वास मजबूत करना और जागरूकता अभियान चलाना समय की आवश्यकता है।




