रांची | 10 जुलाई 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के चर्चित कांके भूमि घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कमलेश कुमार सिंह की करीब 66 एकड़ जमीन जब्त कर ली है। एजेंसी के अनुसार जब्त की गई जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 85 करोड़ रुपये है। ईडी का दावा है कि यह संपत्ति फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से खरीदी और कब्जे में ली गई थी।

फर्जी दस्तावेजों से की गई थी जमीन की खरीद-बिक्री

ईडी की जांच में सामने आया है कि कमलेश कुमार सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कांके और नगड़ी अंचल क्षेत्र में जमीन के रिकॉर्ड में कथित रूप से हेराफेरी की। जांच एजेंसी के अनुसार गैर-मजरूआ, भुइंहरी, आदिवासी और सरकारी प्रकृति की जमीनों के दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर उन्हें सामान्य भूमि दिखाकर खरीद-बिक्री की गई। एजेंसी को इस पूरे मामले में कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह है, जिसकी जांच अभी जारी है।

कुछ जमीन बिक चुकी, बाकी का हस्तांतरण रुका

ईडी के मुताबिक, जब्त की गई 66 एकड़ भूमि में से कुछ हिस्से की बिक्री पहले ही की जा चुकी थी, जबकि शेष जमीन का हस्तांतरण पूरा नहीं हो पाया था। एजेंसी ने इस संपत्ति को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जब्त किया है। मामले में कमलेश कुमार सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही विशेष पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है।

2024 में गिरफ्तारी, छापेमारी में मिले थे नकदी और कारतूस

गौरतलब है कि ईडी ने 26 जुलाई 2024 को कमलेश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। उस समय उनके ठिकानों पर की गई छापेमारी में एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 100 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच आगे बढ़ाई। फिलहाल ईडी पूरे नेटवर्क, कथित लाभार्थियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।