दुमका | 18 जुलाई 2026
झारखंड के दुमका जिले के महुआडंगाल इलाके में शनिवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विवेक राउत के आवास पर छापेमारी की। विवेक राउत को दिशोम गुरु और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के पूर्व पर्सनल सेक्रेटरी के रूप में जाना जाता है। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
20 से 25 सदस्यीय टीम ने कई घंटे तक की तलाशी
जानकारी के अनुसार, छापेमारी का नेतृत्व एक प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी ने किया। संयुक्त टीम में वन विभाग के करीब 20 से 25 फॉरेस्ट गार्ड, महिला पुलिसकर्मी, नगर थाना और मुफस्सिल थाना की पुलिस शामिल थी। टीम ने घर को चारों तरफ से घेरने के बाद अंदर प्रवेश किया और कई घंटों तक हर कमरे एवं परिसर की गहन तलाशी ली। इस दौरान किसी भी व्यक्ति को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
कार्रवाई के कारणों का नहीं हुआ खुलासा
हालांकि, छापेमारी किस मामले में की गई और जांच का आधार क्या था, इस बारे में वन विभाग या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई। अधिकारियों ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी और कार्रवाई को लेकर कोई बयान जारी नहीं किया। इससे पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों ने मांगा लिखित प्रमाण
तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मांग की कि यदि घर से कोई आपत्तिजनक या अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई है, तो इसकी लिखित पुष्टि दी जाए। हालांकि अधिकारियों ने इस मांग पर मौके पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। फिलहाल वन विभाग और पुलिस दोनों ने जांच जारी रहने की बात कही है। मामले में आधिकारिक बयान आने के बाद ही छापेमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।




