धनबाद | 25 जुलाई 2026

धनबाद जिले में जेएसएफसी (झारखंड राज्य खाद्य निगम) गोदामों में काम करने वाले मजदूरों ने सरकार की नई व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकारी राशन दुकानों तक अनाज पहुंचाने का काम प्रभावित होने के आरोप लगाते हुए सैकड़ों मजदूरों ने शनिवार से रणधीर वर्मा चौक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

मजदूरों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले पुराने मजदूरों को काम से हटाया जा रहा है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

50 साल से राशन पहुंचाने का कर रहे थे काम

धरना दे रहे मजदूरों के अनुसार, कांडरा, बरमसिया, बलियापुर और बाघमारा स्थित जेएसएफसी गोदामों से सरकारी राशन दुकानों तक अनाज पहुंचाने का काम वे पिछले करीब 50 वर्षों से करते आ रहे हैं।

मजदूरों का कहना है कि इसी काम से उनके परिवार का भरण-पोषण होता था, लेकिन सरकार की नई नीति के कारण अब उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

200 से ज्यादा मजदूरों पर रोजगार का संकट

मजदूरों ने दावा किया कि नई व्यवस्था लागू होने से जिले के अलग-अलग गोदामों में काम करने वाले 200 से अधिक मजदूर प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि अचानक काम बंद होने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि पुरानी व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए और वर्षों से काम कर रहे मजदूरों को रोजगार से वंचित नहीं किया जाए।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

धरना दे रहे मजदूरों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर रोजगार बचाने की मांग की है।

मजदूरों का कहना है कि वे किसी नई व्यवस्था के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऐसी नीति नहीं होनी चाहिए जिससे वर्षों से काम कर रहे मजदूर बेरोजगार हो जाएं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल मजदूरों का धरना रणधीर वर्मा चौक पर जारी है। अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर है। मजदूरों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।