कोलकाता | 20 जुलाई 2026
पश्चिम बंगाल में मानसून इन दिनों दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। जहां उत्तर बंगाल के जिले लगातार मूसलाधार बारिश से प्रभावित हैं, वहीं दक्षिण बंगाल के अधिकांश हिस्सों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी बनी हुई है। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र, अलीपुर (कोलकाता) के अनुसार पिछले 24 घंटों में राज्य में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा उत्तर बंगाल में हुई भारी वर्षा का परिणाम है।
उत्तर बंगाल में रिकॉर्डतोड़ बारिश
उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार जिलों में कई स्थानों पर 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। जलपाईगुड़ी जिले के मूर्थी में सबसे अधिक 173.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा भगतपुर में 140.2 मिमी, एनएच-31 रोड ब्रिज क्षेत्र में 139.8 मिमी, जलपाईगुड़ी शहर में 139.2 मिमी और नागराकाटा में 125.4 मिमी बारिश हुई। वहीं अलीपुरदुआर के डलगांव में 126.3 मिमी, रायडक टी एस्टेट में 123.2 मिमी और शहर में 120.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
उत्तर दिनाजपुर में 450% अधिक बारिश
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर दिनाजपुर में सामान्य से 450 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। जलपाईगुड़ी में सामान्य से 125 प्रतिशत, अलीपुरदुआर में 102 प्रतिशत और कूचबिहार में 146 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
कोलकाता और दक्षिण बंगाल अब भी बारिश का इंतजार
दूसरी ओर राजधानी कोलकाता में पिछले 24 घंटों के दौरान केवल 6.3 मिमी बारिश हुई। शहर का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोलकाता में अब तक सामान्य से करीब 28 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
कम दबाव बनने पर बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण बंगाल में व्यापक बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में मजबूत कम दबाव का क्षेत्र या चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होना जरूरी है। जब तक ऐसी प्रणाली विकसित नहीं होती, तब तक दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश ही देखने को मिल सकती है, जबकि उत्तर बंगाल में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।




