पटना | 21 जुलाई 2026

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस बार चर्चा का केंद्र राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव की चार दिन पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट है, जो अब तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में तेजस्वी यादव ने सोनम वांगचुक से आमरण अनशन स्थगित करने की अपील की थी। वांगचुक के आंदोलन और स्वास्थ्य को लेकर ताजा घटनाक्रम के बाद इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है।

16 जुलाई को दी थी अनशन स्थगित करने की सलाह

तेजस्वी यादव ने 16 जुलाई को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा था कि वह सोनम वांगचुक से विनम्र आग्रह करते हैं कि वे अपना आमरण अनशन स्थगित कर दें। उन्होंने कहा था कि मौजूदा सरकार से सार्थक संवाद की उम्मीद कम है, लेकिन युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सड़क से संसद तक उठाने का वादा किया था।

पोस्ट हुई वायरल, मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

तेजस्वी यादव की इस पोस्ट को लाखों लोगों ने देखा और हजारों लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने इसे जिम्मेदार राजनीतिक अपील बताया, जबकि कई लोगों ने सवाल उठाया कि विपक्षी नेताओं ने आंदोलन के दौरान सक्रिय रूप से भाग क्यों नहीं लिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने आंदोलन में विपक्ष की भूमिका को लेकर भी टिप्पणी की।

विपक्ष की भूमिका पर भी उठे सवाल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनम वांगचुक के आंदोलन के दौरान विपक्ष की सक्रिय मौजूदगी अपेक्षित थी। इस मुद्दे पर कई वरिष्ठ नेताओं ने भी विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। हालांकि वाम दलों के कुछ नेताओं ने आंदोलन के समर्थन में खुलकर भागीदारी की थी।

अनशन और आंदोलन पर बनी हुई है नजर

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य और आंदोलन को लेकर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस बीच तेजस्वी यादव की पुरानी पोस्ट के दोबारा वायरल होने से सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।