नई दिल्ली | 21 जुलाई 2026

शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को अदालत ने उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद यह फैसला लिया गया है।

21वें दिन अस्पताल में कराया गया था भर्ती

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। लगातार उपवास के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि लंबे समय तक भोजन नहीं लेने से उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

अनशन जारी रखने का किया ऐलान

अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या सांसद स्वयं अस्पताल आकर उनसे मुलाकात नहीं करते, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।

पत्नी ने साझा किया संदेश

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उनका हस्तलिखित संदेश साझा किया। संदेश में उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं के प्रति एकजुटता जताई और संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखते हुए उन्होंने अपना उपवास जारी रखने का निर्णय लिया है।

स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों पर नजर

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब सोनम वांगचुक का इलाज मेदांता अस्पताल में होगा। वहीं, उनके आंदोलन और स्वास्थ्य दोनों पर देशभर की नजर बनी हुई है। इस बीच शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर बहस भी तेज हो गई है।