नई दिल्ली | 5 अगस्त 2026: संसद के मानसून सत्र में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर बुधवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में संसद के दोनों सदनों में बयान देने की मांग की।

प्रेरणा स्थल से मकर द्वार तक विपक्ष का मार्च

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा (प्रेरणा स्थल) से मकर द्वार तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब की मांग

विपक्ष का आरोप है कि हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। विपक्षी दलों ने इन आरोपों पर सरकार से जवाब मांगा और गृह मंत्री अमित शाह से संसद में विस्तृत बयान देने की मांग की।

प्रियंका गांधी बोलीं- लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस बीच उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर कार्रवाई के लिए जवाबदेही आवश्यक है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

गिरिराज सिंह का राहुल गांधी पर पलटवार

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें छात्रों के आंदोलन पर "ज्ञान बांटने" से बचना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि संदन के संचालन में बाधा पहुंचाने से बचना चाहिए।

राम मंदिर चढ़ावा और जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी उठा

विपक्ष ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की मुलाकात

संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

हंगामेदार रहने के आसार

मानसून सत्र के दौरान इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है। इस बीच दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और संसद में राजनीतिक टकराव तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।